अमर उजाला ब्यूरोचंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने युवाओं को ठेकेदारी प्रथा से मुक्ति दिलाते हुए हरियाणा कौशल रोजगार निगम का गठन किया है। अब निगम के माध्यम से निजी क्षेत्र में भी युवाओं को रोजगार मुहैया कराया जाएगा। इसके लिए निगम ने सेवाएं शुरू कर दी हैं। इस कार्य के लिए युवाओं की पहचान कर ली गई है। वहीं, साल 2024 में 2 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिलाया जाएगा, ताकि वे अपने पैरों पर खड़े हो सकें। मुख्यमंत्री रविवार को यहां सीएम की विशेष चर्चा कार्यक्रम के तहत ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत लगे कर्मचारियों से संवाद कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि 9 वर्ष में वर्तमान राज्य सरकार ने 1 लाख 10 हजार युवाओं को बिना खर्ची व पर्ची के योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी है। साथ ही, आगामी 6 माह में 60 हजार और भर्तियां करने जा रही है। पहले से अनुबंध आधार पर कार्यरत 1.08 लाख से अधिक कर्मियों को निगम में समायोजित किया गया है, जबकि अनुबंध आधार पर 17,785 नए कर्मी भर्ती किए हैं।
मनोहर लाल ने कहा कि ठेकेदारों के माध्यम से अनुबंध आधार पर काम कर रहे कर्मचारियों को पूरा वेतन नहीं मिलता था। ई.पी.एफ., ई.एस.आई, लेबर वेलफेयर फंड आदि की सुविधा नहीं दी जाती थी। इस प्रकार की कई शिकायतें सरकार को मिलती थी और विभिन्न कर्मचारी संघों की मांग भी थी कि ठेकेदारी प्रथा को बंद किया जाए। कभी कभी तो ठेकेदारों और विभाग के बीच एक नैक्सस बन जाता था कि संख्या कुछ और बताई जाती थी जैसे कि 50 पदों की मंजूरी ली जाती थी और वेतन भी 50 पदों का ही जारी किया जाता था, लेकिन वास्तव में 40 या 45 को काम पर रखा जाता था। कभी-कभी तो नाम किसी का दिखाया जाता था और काम करने के लिए किसी अन्य व्यक्ति को भेज दिया जाता था।
5 हजार युवाओं ने जताई विदेश जाने की इच्छा
मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम विदेशों में भी विभिन्न कार्यों के लिए मैनपावर उपलब्ध करवाने का काम करता है। हाल ही में इस्त्राइल, दुबई और यूनाइटेड किंगडम द्वारा मैनपावर की मांग की गई है। इसके लिए हरियाणा कौशल रोजगार निगम ने विज्ञापन निकाला है, जिसमें इन देशों के लिए निर्माण श्रमिकों, सिक्योरिटी गार्ड, स्टाफ नर्स आदि के काम के लिए 10 हजार मैनपावर की आवश्यकता बताई गई है। इसके लिए 5 हजार से अधिक युवाओं ने इच्छा जताई है।