बीते 17 महीने में पूरे भारत में 2,234 लोग संक्रमित (इंफेक्टेड) ब्लड चढ़ाने से एचआईवी के शिकार हुए हैं। इनमें पंजाब के 88, हरियाणा के 99 और चंडीगढ़ के 19 लोग शामिल हैं। हालांकि पूरे देश में सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश के 361 लोग एचआईवी के शिकार हुए हैं। यह खुलासा आरटीआई एक्टिविस्ट चेतन कोठारी की ओर से मांगी गई सूचना के आधार पर नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (नाको) ने जवाब दिया है।
कोठारी का कहना है कि यह एक गंभीर मुद्दा है। इसमें सरकार को तुरंत दखल देनी चाहिए। यह जांच का विषय है कि आखिर कैसे संक्रमित ब्लड लोगों में चढ़ गया। इससे मरीज की जान आफत में पड़ जाएगी। हालांकि यह पता नहीं चल पाया है कि चंडीगढ़ में जिन 19 लोगों को एचआईवी हुआ है, उन्हें संक्रमित ब्लड किस अस्पताल में चढ़ाया गया।
रक्त चढ़ाने से पहले जांच जरूरी
रक्तदान के बाद ब्लड की जांच जरूरी है। रक्त में एचआईवी, एचबीवी, हैपेटाइटिस सी, मलेरिया और अन्य इंफेक्शन की जांच जरूरी होता है। यदि रक्त में किसी प्रकार का इंफेक्शन मिलता है तो ब्लड बैंक की ओर से रक्तदाता को सूचना दी जाती है। यह अनिवार्य प्रक्रिया है। ब्लड बैंक और नाको की ओर से इस बारे में गाइडलाइंस भी जारी की गई है। नाको से जुड़े अधिकारी बताते हैं कि पहले के बजाय अब स्थिति में सुधार आया है। 20 साल पहले ब्लड से एचआईवी का रेट आठ से दस प्रतिशत होता था, लेकिन अब यह मात्र एक प्रतिशत रह गया है। अगले कुछ वर्षों में कोशिश रहेगी कि इस इंफेक्शन को जीरो तक लाया जाए।
कहां कितने लोगों को एचआईवी
प्रदेश पीड़ित लोग
यूपी 361
गुजरात 292
महाराष्ट्र 276
बिहार 91
हरियाणा 99
पंजाब 88
चंडीगढ़ 19
हिमाचल प्रदेश 00