पंजाब यूनिवर्सिटी की बदहाल वित्तीय स्थिति के मामले में हाईकोर्ट ने अब चंडीगढ़ नगर निगम और प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है। पीयू की ओर से बताया गया था कि प्रतिवर्ष कैंपस की सड़कों और बिजली पोल्स की मेंटेनेंस पर ही दो करोड़ खर्च करना पड़ता है।
यह खर्च चंडीगढ़ नगर निगम और प्रशासन उठा लें तो पीयू की यह राशि बच जाए। इस पर हाई कोर्ट ने अब चंडीगढ़ नगर निगम और प्रशासन को 10 अगस्त के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।
सुनवाई के दौरान पीयू की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि ऐसे कई खर्च हैं, जिसमें अगर चंडीगढ़ नगर निगम और प्रशासन सहयोग करें तो उसके दो करोड़ रुपये तक बच सकते हैं। इस राशि को पीयू के अन्य विकास कार्यों पर लगाया जा सकता है। इन खर्च में पीयू कैंपस की सड़कों की मरम्मत और बिजली पोल्स के मेंटेनेंस आदि का खर्च शामिल है। लिहाजा शहर के अन्य सड़कों और पोल्स की मेंटेनेंस की तरह ही नगर निगम और प्रशासन यह खर्च उठा लें तो इससे यूनिवर्सिटी को बड़ी राहत मिल जाएगी।