अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। किसान आंदोलन के दौरान चंडीगढ़ में दर्ज की गई एफआईआर को लेकर किसानों को अब बड़ी राहत मिल सकती है। चंडीगढ़ प्रशासन ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट को जानकारी दी है कि उन्होंने इन एफआईआर को रद्द करने की सिफारिश केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज दी है। जब तक केंद्र सरकार से इस पर निर्णय नहीं आ जाता, तब तक किसी भी किसान के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी।दरअसल, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के 24 किसानों ने हाई कोर्ट में याचिकाएं दाखिल कर मांग की थी कि आंदोलन के दौरान दर्ज एफआईआर को रद्द किया जाए। किसानों का कहना था कि जब प्रधानमंत्री ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया था, तब यह आश्वासन दिया गया था कि आंदोलन से जुड़ी सभी एफआईआर भी वापिस ली जाएंगी। पंजाब और हरियाणा में दर्ज एफआईआर तो रद्द कर दी गईं, लेकिन चंडीगढ़ पुलिस ने अब तक ऐसा नहीं किया।
किसानों ने यह भी बताया कि चंडीगढ़ के डीजीपी ने इन एफआईआर को रद्द करने के लिए पहले ही एनओसी दे दी थी, लेकिन कार्रवाई लंबित रही। इस पर हाई कोर्ट ने नोटिस जारी कर प्रशासन से जवाब मांगा था।
जवाब में प्रशासन ने कोर्ट को बताया कि 19 फरवरी को ही केंद्र सरकार को एफआईआर रद्द करने की सिफारिश भेज दी गई है। इसके बाद हाई कोर्ट ने इस याचिका का निपटारा कर दिया।