चंडीगढ़। समलैंगिक जोड़े में से नाबालिग के फर्जी दस्तावेजों की जांच करते हुए पंचकूला पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि आरोपियों ने फर्जी प्रमाणपत्र बनाने के लिए अपना जन सुविधा केंद्र तक खोल दिया। हाईकोर्ट ने इस पर हैरानी जताते हुए कहा कि कैसे इनके हौसले इतने बुलंद हो गए। हाईकोर्ट ने पंचकूला पुलिस को दस दिन में इस मामले में रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। काजल ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए अपनी प्रेमिका को उसके अभिभावकों की अवैध हिरासत में बताते हुए छुड़ाने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने इस पर काजल की साथी को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया था। आदेश पर लड़की को पेश किया गया और लड़की की आयु को लेकर संदेह होने पर हाईकोर्ट ने उसके दस्तावेजों की जांच का आदेश दिया था। दस्तावेजों की जांच में खुलासा हुआ कि फर्जीवाड़ा कर दस्तावेज तैयार किए गए हैं। इसके बाद हाईकोर्ट ने हरियाणा पुलिस को इस पहलू की जांच का आदेश दिया था।
हाईकोर्ट को पंचकूला पुलिस ने बताया कि जब जांच आगे बढ़ाई गई और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तो पुलिस भी हैरान हो गई। आरोपियों के पास एक वेबसाइट का लिंक था जिसके माध्यम से वे जन्म प्रमाणपत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे। इसके बाद दस्तावेजों पर ऐसा बार कोड लगाया जाता था जो एक फर्जी वेबसाइट पर लेकर जाता है। इसे देखकर बताना बड़ा मुश्किल है कि यह असली है या नकली। आगे बताया गया कि इन लोगों ने फर्जी दस्तावेजों के काम को चलाने के लिए अपना जन सुविधा केंद्र भी खोल लिया था। हाईकोर्ट ने इस पर हैरानी जताते हुए कहा कि इनके हौसले इतने बुलंद कैसे हैं। कोर्ट ने अब पंचकूला पुलिस को जांच आगे बढ़ाने का आदेश देते हुए 10 दिन के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है।