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अब तक 30 वारदात: पंजाब में लूटी जा रहीं गड़रिया समुदाय की भेड़ें, हाईकोर्ट पहुंचा मामला, डीजीपी से रिपोर्ट तलब

Fri, 15 Sep 2023 11:49 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

याची ने बताया कि 13 अक्तूबर 2021 को पहली बार याचिकाकर्ताओं के कुछ सदस्य अपनी भेड़ों के झुंड के साथ आराम कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें कुछ गिरोह के सदस्यों ने घेर लिया और घायल करने के बाद 40-50 विकसित भेड़ों को अपने साथ ले गए। नवांशहर पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के अलावा कुछ नहीं किया।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लुटेरों के संगठित गिरोहों के गुर्गे पंजाब में लगातार गड़रिया समुदाय की भेड़ों को निशाना बना रहे हैं। अब पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के डीजीपी को इस मुद्दे पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है।

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मलकीत सिंह व अन्य ने हाईकोर्ट को बताया कि बीते तीन साल में गड़रिया समुदाय के सदस्यों के साथ 30 से अधिक घटनाएं हुई हैं। इनमें राज्य में सक्रिय गिरोहों ने उनकी सैकड़ों भेड़ें लूट लीं। राज्य में कई एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने एक भी मामले में चालान पेश नहीं किया है। याचिकाकर्ताओं ने अपने समुदाय के सदस्यों के जीवन और स्वतंत्रता को बचाने के लिए निर्देश देने की मांग की है।

याची ने बताया कि ये गिरोह 2021 से लगातार उन्हें घायल कर रहे हैं और उनकी भेड़ों को लूट रहे हैं। इस हालात ने उन्हें भुखमरी की ओर धकेल दिया है और उनका अस्तित्व खतरे की कगार पर है। याचिका में अपील की गई कि इन सभी मामलों की जांच वरिष्ठ आईपीएस की अध्यक्षता वाली एसआईटी को सौंपी जाए। 

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याची के वकील बिनत शर्मा ने हाईकोर्ट को बताया कि गड़रिया जनजाति के खानाबदोश लोग हैं और सदियों से इसी जीवन शैली में रह रहे हैं। वे भेड़ के उत्पाद बेचकर अपनी आजीविका कमाते हैं। कोर्ट को बताया गया कि भेड़ एक ऐसा जानवर है, जिसे कैद में नहीं पाला जा सकता और यह चरकर जीवित रह सकता है। 

पंजाब में नदी के किनारे के परिदृश्य इसके लिए बहुत उपयुक्त हैं और यही कारण है कि याचिकाकर्ताओं ने अपना पूरा वर्ष पंजाब में अपनी भेड़ों को चराने में बिताया। याची ने बताया कि 13 अक्तूबर 2021 को पहली बार याचिकाकर्ताओं के कुछ सदस्य जो अपनी भेड़ों के झुंड के साथ आराम कर रहे थे, इस दौरान उन्हें कुछ गिरोह के सदस्यों ने घेर लिया और उन्हें घायल करने के बाद 40-50 विकसित भेड़ों को अपने साथ ले गए।

एक स्वस्थ भेड़ की कीमत लगभग 20-25 हजार होती है। इस तरह एक ही घटना में उन्हें करीब 10 लाख रुपये का नुकसान हुआ। नवांशहर पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज करने के अलावा कुछ नहीं किया।
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