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'सोसायटी में चांद निकला' टिप्पणी अश्लील नहीं: हाईकोर्ट ने कहा-मुकदमा चलाना प्रक्रिया का दुरुपयोग, एफआईआर रद्द

Mon, 02 Mar 2026 11:01 AM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

गुरुग्राम की रहने वाली एक सरकारी स्कूल की प्रिंसिपल ने आरोप लगाया था कि उनकी सोसाइटी के ग्रुप में उनकी फोटो साझा कर टिप्पणी की गई थी। उन्होेंने इसे अपमानजनक और उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाली बताया था।
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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गुरुग्राम की हाउसिंग सोसायटी के व्हाट्सऐप ग्रुप में की गई टिप्पणी को लेकर दर्ज एफआईआर को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया। 

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हाईकोर्ट ने कहा कि जाने कितने दिनों के बाद सोसायटी में अब चांद निकला जैसी टिप्पणी भले ही अच्छी पसंद की न हो, लेकिन इसे कानूनन अश्लीलता का अपराध नहीं माना जा सकता। जस्टिस शालिनी सिंह नागपाल ने कहा कि अपराध तभी बनता है जब शब्द ऐसे हों जो यौन रूप से अशुद्ध विचार उत्पन्न करें। इस मामले में ऐसा कोई तत्व नहीं पाया गया और ऐसे में इस मालमे को आगे बढ़ाना प्रक्रिया का दुरूपयोग होगा।

गुरुग्राम के सेक्टर-93 स्थित स्पेज प्रिवी सोसायटी की निवासी और एक सरकारी स्कूल की प्रिंसिपल ने आरोप लगाया था कि व्हाट्सऐप ग्रुप में उनकी प्रोफाइल फोटो साझा की गई। इसके बाद याची ने टिप्पणी की कि जाने कितने दिनों के बाद सोसायटी में अब चांद निकला। शिकायतकर्ता का आरोप था कि यह टिप्पणी यौन संकेतों से भरी, अपमानजनक और उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाली थी। साथ ही, उन्होंने इसे आरडब्ल्यूए चुनाव से पहले उन्हें दबाव में लेने की साजिश बताया। पुलिस ने सेक्टर-10 थाने में इस मामले की एफआईआर दर्ज की थी।
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हाईकोर्ट ने कहा कि केवल अपमानजनक या कटाक्षपूर्ण शब्द अश्लील नहीं माने जा सकते, जब तक वे कामुकता या अनैतिक प्रभाव उत्पन्न न करें। व्हाट्सऐप ग्रुप पब्लिक प्लेस की श्रेणी में आ सकता है, लेकिन टिप्पणी में अश्लीलता का आवश्यक तत्व नहीं था। जिस समय कमेंट किया गया, शिकायतकर्ता उस ग्रुप की सदस्य भी नहीं थीं। अदालत ने कहा कि किसी महिला की लज्जा भंग का अपराध तभी बनता है जब उसकी यौन गरिमा को ठेस पहुंचाने का स्पष्ट इरादा हो। अदालत ने याचिका स्वीकार करते हुए धीरज गुप्ता के खिलाफ दर्ज एफआईआर और उससे जुड़ी सभी कार्यवाहियां रद्द कर दीं।

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