पूर्व फौजी की विधवा को फैमिली पेंशन के आदेश का पालन करने के स्थान पर उसे न्यायालय की शरण लेने के लिए मजबूर किया, यह दुःखद, दुर्भाग्यपूर्ण व पीड़ादायक है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने टिप्पणियां करते हुए आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल (एएफटी) को पेंशन के आदेश का पालन करने से जुड़ी याचिका का तीन माह के भीतर निपटारा करने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए शिमला निवासी शिव देई गुलेरिया ने हाईकोर्ट को बताया था कि उसने पति की मौत के बाद फैमिली पेंशन के लिए दावा किया था। दावे को लेकर एएफटी ने 2022 में याची के पक्ष में आदेश दिया था। उस आदेश के बाद याची ने पालन से जुड़ी याचिका दाखिल की थी, जिसमें विभिन्न तिथियों को जारी निर्देशों के बावजूद आदेश का पालन नहीं हुआ।
याची ने बताया कि केंद्र ने एएफटी के आदेश के खिलाफ अपील दाखिल नहीं की है और ऐसे में यह आदेश अंतिम हो चुका है। याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि एएफटी और केंद्र को याची को जल्द से जल्द फैमिली पेंशन जारी करने का निर्देश दिया जाए। कोर्ट ने कहा यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है, जहां एएफटी के आदेश को लागू करने के बजाय, केंद्र ने पूर्व फौजी की विधवा को कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए मजबूर किया।