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हाईकोर्ट ने कहा- अगर मेट्रो नहीं चला सकते, तो हर पांच मिनट में बस सर्विस दो

Tue, 16 Oct 2018 01:23 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo
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चंडीगढ़ में आबादी का दबाव लगातार बढ़ रहा है। पिछले कुछ सालों से वाहनों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। आज प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया तो आने वाले समय में स्थिति भयावह हो जाएगी। प्रशासन अगर मेट्रो नहीं चला सकता तो हर 5 मिनट में बस सर्विस उपलब्ध करवाए ताकि लोगों को घरों से वाहन निकालने की जरूरत न पड़े। यह टिप्पणी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान की। 

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याचिका पर सुनवाई आरंभ होते ही हाईकोर्ट ने शहर में ट्रैफिक व्यवस्था की बदहाल स्थिति के समाधान पर चर्चा शुरू की। इस दौरान पुलिस ने बताया कि इस वर्ष साइकिल ट्रैक पर वाहन चलाने वालों के 24 हजार लोगों के चालान किए जा चुके हैं। कोर्ट ने कहा कि यह तो ठीक है लेकिन जो लोग साइकिल को ट्रैक पर नहीं चलाते उन पर क्यों नहीं कार्रवाई की जा रही है। हाईकोर्ट ने प्रशासन को आदेश दिए कि अगली सुनवाई पर इस बारे में वे अपना पक्ष रखें।

कोर्ट ने कहा कि शहर में पार्किंग और ट्रैफिक सबसे बड़ी समस्या है। जब शहर में मेट्रो नहीं चलानी है तो पब्लिक ट्रांसपोर्ट को दुरुस्त करो, जिससे लोगों को वाहन घरों से बाहर ही न निकालने पड़े। पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम बेहतर होगा तो ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या खत्म हो जाएगी। सीनियर एडवोकेट संजीव शर्मा ने बताया था कि पंजाब के ट्रैफिक एडवाइजर नवदीप असीजा ने 2015 में ट्रैफिक और पार्किंग के लिए सुझाव दिए थे जो निगम और प्रशासन ने एक तरह से कचरे में डाल दिए हैं। 

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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : फाइल फोटो
सुझाव शहर के लिए बेहद ही कारगर साबित हो सकते थे लेकिन इस पर ध्यान ही नहीं दिया गया। अब हाईकोर्ट ने दोनों से इस बारे में जवाब मांग लिया है। साथ ही कोर्ट ने कहा कि अगर हर पांच मिनट में लोगों को बस मिले तो लोग इनका इस्तेमाल कर सकते हैं। कोर्ट ने अब सभी एसी और नॉन एसी बसों की संख्या, रूट और टाइम टेबल की जानकारी मांग ली है। फिलहाल यह बसें 25 से 30 मिनट के अंतराल में चल रही हैं अगर यह 5 मिनट का हो तो लोग बसों का ज्यादा इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर एसी बसें ज्यादा नहीं चला सकते तो नॉन एसी बसों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।

त्योहार के समय बाजार की सड़कों को क्यों नहीं कर रहे वन वे 
हाईकोर्ट ने कहा कि अब त्योहारों का समय है और शहर की मार्केट में ट्रैफिक और पार्किंग दोनों बड़ी समस्या हो जाएगी। कोर्ट ने एसएसपी ट्रैफिक शशांक आनंद से पूछा कि क्यों नहीं इन दिनों बाजार की सड़कों को वन वे कर दिया जाता। इस पर जवाब के लिए उन्होंने समय दिए जाने की अपील की, जिसे हाईकोर्ट ने मंजूर कर लिया।

पार्किंग एरिया से ज्यादा वाहन ठूंस रहा ठेकेदार, क्यों न लाइसेंस कर दें रद्द
कोर्ट ने कहा कि शहर की पार्किंग ठेकेदार जगह न होने के बावजूद पर्चियां काट लोगों के वाहन पार्किंग में घुसा देते हैं। लोगों को जगह नहीं मिलती और वाहन सड़कों पर खड़े कर दिए जाते हैं। कोर्ट ने कहा कि क्यों नहीं इस ठेकेदार के लाइसेंस को रद्द किया जाए। इस पर निगम ने कहा कि ठेकेदार के खिलाफ केस आर्बिट्रेशन में लंबित है। कोर्ट ने कहा कि हमें इससे कोई लेना देना नहीं ठेकेदार कंपनी को पक्ष बनाते हुए हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर जवाब दिए जाने के आदेश दिए हैं। 
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