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Chandigarh News: रिश्वतखोरी में आरोपी एचसीएस अधिकारी मीनाक्षी दहिया की अग्रिम जमानत पर हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

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-हाईकोर्ट ने दहिया की गिरफ्तारी पर लगा रखी है रोक
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-विभागीय रिकाॅर्ड में चाइल्ड केयर लीव पर चल रहीं मीनाक्षी को एसीबी ने घोषित किया था फरार घोषित
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रिश्वतखोरी मामले में आरोपी एचसीएस अधिकारी मीनाक्षी दहिया की अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। हाईकोर्ट ने पहले ही अंतरिम राहत के तौर पर दहिया की गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है। हाईकोर्ट के जस्टिस अनूप चितकारा ने दहिया की अग्रिम जमानत की मांग पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया। दहिया ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अग्रिम जमानत की मांग की थी। हाईकोर्ट ने सुनवाई में साफ कर दिया था कि अगर प्रतिवादी पक्ष की तरफ से कोर्ट द्वारा मांगी गई जानकारी नहीं दी गई तो वह याची को अंतरिम राहत का आदेश दे सकता है। एक सुनवाई के दौरान सरकारी वकील के पेश न होने के चलते कोर्ट ने दहिया को अंतरिम राहत का आदेश जारी किया था।
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रिश्वतखोरी के एक मामले में हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो ने एचसीएस अधिकारी मत्स्य पालन विभाग की संयुक्त सचिव मीनाक्षी दहिया के आवास पर दबिश दी थी। एसीबी ने 29 मई को दहिया सहित तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर उसी रात दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। मीनाक्षी दहिया फरार चल रही हैं। विभागीय रिकाॅर्ड के मुताबिक, दहिया चाइल्ड केयर लीव पर हैं। आरोपों के अनुसार दहिया ने कथित तौर पर जिला मत्स्य अधिकारी राजन खोरा से व्हाट्सएप काॅल पर एक लाख रुपये की मांग की थी। मत्स्य विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर कार्यरत दहिया ने खोरा के खिलाफ आरोप पत्र वापस लेने के आदेश जारी करने थे। खोरा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि उसे मामले में गलत तरीके से फंसाया गया और उनके खिलाफ आरोप पत्र जारी किया गया ताकि उनके कनिष्ठ को उप निदेशक के पद पर पदोन्नत किया जा सके। हालांकि, जांच अधिकारी ने उन्हें सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। मत्स्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) ने उनके खिलाफ आरोप पत्र वापस लेने के लिए फाइल आगे बढ़ाई। इसके अलावा, प्रभारी मंत्री ने भी निष्कर्षों से सहमति व्यक्त की और एसीएस को आरोप पत्र वापस लेने का निर्देश दिया। दहिया ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को नकारा है।
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