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Chandigarh News: शराब का अनावंटित बेस कोटा 77 ठेकों को अलॉट करने के मामले में प्रशासन को हाईकोर्ट की फटकार

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चंडीगढ़। शहर के 77 शराब ठेकों पर अलॉट न हो सके 18 ठेकों का बेसिक कोटा थोपने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को जमकर फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने ठेका मालिकों की याचिका का निपटारा करते हुए प्रशासन को उनके मांगपत्र पर निर्णय लेने का आदेश दिया था।प्रशासन ने मांगपत्र को खारिज कर दिया और इसके लिए जारी आदेश में कारण तक दर्ज नहीं किया। इस रवैये की निंदा करते हुए हाईकोर्ट ने प्रशासन का आदेश रद्द कर दिया है और नए सिरे से प्रावधानों के अनुसार निर्णय लेने का आदेश दिया है।
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6 बे फूड कंपनी ने एडवोकेट शिखर सरीन के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया था कि 2023-24 की एक्साइज नीति के तहत केवल 77 ठेकों की बोली हो सकी थी और बाकी 18 अलॉट नहीं हो सके थे। इन 18 ठेकों का बेसिक कोटा आखिरी तीन माह में 77 आवंटित ठेकों पर थोप दिया गया है। याची ने बताया कि शहर में हर व्यक्ति शराब नहीं पीता, जो शराब पीते हैं उनके पास भी बार, रेस्टोरेंट आदि में पीने का विकल्प होता है। बार, रेस्टोरेंट में शराब ठेकों से नहीं जाती है।
शराब का बेसिक कोटा खत्म न होने पर ठेके पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है। ऐसे में प्रशासन 18 ठेकों का बेसिक कोटा याचिकाकर्ताओं पर थोप रहा है जिससे शराब निर्माताओं और प्रशासन को तो फायदा है लेकिन ठेका मालिकों को इसका नुकसान है। हाईकोर्ट ने तब याचिका का निपटारा करते हुए प्रशासन को याचिकाकर्ताओं के मांगपत्र पर निर्णय लेने का आदेश दिया था।
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प्रशासन की ओर से मांगपत्र पर निर्णय लेते हुए सीधे तौर पर दावे को खारिज कर दिया गया और आदेश में इसका कारण तक दर्ज नहीं किया गया था। प्रशासन के 8 दिसंबर के इसी आदेश को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने कहा कि भले ही याचिकाकर्ताओं का सुनवाई का मौका दिया गया था लेकिन जो आदेश जारी किया गया वह विस्तृत आदेश नहीं था। ऐसे में हाईकोर्ट ने अब प्रशासन के 8 दिसंबर के आदेश को रद्द कर दिया है और 10 दिन के भीतर नए सिरे से निर्णय लेने का आदेश दिया है।
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