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हाईकोर्ट हुई सख्त, तो हरियाणा-पंजाब ने बनाई नोडल एजेंसियां, गवाही में देरी से नहीं लटकेगा ट्रायल

Thu, 20 Feb 2020 10:44 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
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कोर्ट ट्रायल - फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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आपराधिक मामलों का ट्रायल अब पुलिस और अधिकारियों की गवाही में देरी के कारण नहीं लटकेगा। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अब हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ ने गवाहियां समय पर सुनिश्चित करने के लिए नोडल एजेंसी गठित कर दी हैं। यह जानकारी दोनों राज्य और यूटी के आला अधिकारियों ने हाईकोर्ट में दी जिस पर कोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया।
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ट्रायल कोर्ट में चल रहे कई आपराधिक मामलों में पुलिस कर्मी या अधिकारियों के समन, वारंट और गैर जमानती वारंट के बावजूद पेश नहीं होने के बढ़ते मामलों पर हाईकोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के डीजीपी, गृह सचिव और डाइरेक्टर प्रॉसिक्यूशन को पिछली सुनवाई पर तलब किया था। कोर्ट के आदेश के अनुरूप ये सभी अधिकारी हाईकोर्ट में पेश हुए।

राज्य और जिला स्तर पर नोडल एजेंसियां बनाईं
पंजाब के अधिकारियों की ओर से बताया गया कि भविष्य में जिन मामलों में सरकारी अधिकारी और कर्मी गवाह हैं उनकी पेशी सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने जिला और राज्य स्तर पर नोडल एजेंसियों का गठन किया है। जिला नोडल एजेंसी में एसपी को मुखिया और उनके साथ जिला अटॉर्नी/डिप्टी जिला अटॉर्नी और डीएसपी शामिल होंगे।
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राज्य स्तरीय नोडल एजेंसी में आईजी (लिटिगेशन) मुखिया होंगे और ज्वाइंट डाइरेक्टर (प्रॉसिक्यूटर/क्राइम) और एआईजी/आईजी (क्राइम) साथ होंगे। ये सुनिश्चित करेंगे कि गवाह के तौर पर पुलिस अधिकारी और कर्मी अदालत में पेश हों। जो पेश नहीं होगा उसके बारे में गृह सचिव को सूचित किया जाएगा जो आगे कार्रवाई कर सकते हैं।
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हरियाणा में नोडल एजेंसियों का दो दिन में नोटिफिकेशन

हरियाणा सरकार ने बताया कि पंजाब की तर्ज पर उन्होंने भी जिला और राज्य स्तर पर नोडल एजेंसियों का गठन कर दिया है, जिसे 2 दिन में नोटिफाई कर दिया जाएगा। जिला नोडल एजेंसी में एसपी/कमिश्नर मुखिया होंगे और जिला अटॉर्नी/डिप्टी जिला अटॉर्नी और डीएसपी इसके सदस्य होंगे। राज्य स्तरीय नोडल एजेंसी में एडीजीपी(लॉ एंड आर्डर) इसके मुखिया होंगे और एडिशनल डायरेक्टर (हेडर्क्वाटर)/जिला अटॉर्नी और एआईजी(एडमिनिस्ट्रेशन) इसके सदस्य होंगे।

चंडीगढ़ में नियम तय
चंडीगढ़ ने बताया कि चंडीगढ़ में पहले ही नियम तय किए जा चुके हैं और जल्द ही दोनों राज्यों की तर्ज पर नियम बना लिए जाएंगे। हाईकोर्ट ने इस जानकारी पर संतुष्टि जताते हुए मामले को लेकर दायर याचिका का निपटारा कर दिया है।
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