चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद चंडीगढ़ प्रशासन के आरएलए ने पेंट की हुई कार को पास कर रजिस्ट्रेशन नंबर जारी कर दिया है। आरएलए ने इस कार को पास करने से मना कर दिया था, जिसके बाद कार के मालिक ने हाईकोर्ट का रुख किया।
अब हाईकोर्ट के आदेश पर कार्यवाही करते हुए यूटी प्रशासन पूरी तरह से पेंट की हुई एंबेसडर कार के रजिस्ट्रेशन के लिए राजी हो गया है। बुधवार को आरएलए ने इसके लिए प्रक्रिया भी शुरू कर दी। कार की पासिंग के साथ ही उसका रजिस्ट्रेशन नंबर भी जारी कर दिया गया।
बता दें कि हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए यह स्पष्ट कर दिया था कि वाहन पर कलात्मक पेंट करना उसके मूल स्वरूप से छेड़छाड़ की श्रेणी में नहीं आता है। हाईकोर्ट ने दिल्ली से खरीदी गई एंबेसडर कार का 2 सप्ताह के भीतर रजिस्ट्रेशन करने का यूटी प्रशासन को आदेश दिया था। यह कार शहर के वकील रणजीत मल्होत्रा की है, जिन्होंने दिल्ली से एंबेसडर कार यूरोपियन यूनियन के काउंसलर से खरीदी थी। इस कार को खरीदने का कारण इस कार पर मैक्सिकन आर्टिस्ट सैनकोई द्वारा आर्ट वर्क किया गया था। जुलाई 2019 में खरीदी गई कार के रजिस्ट्रेशन के लिए यूटी प्रशासन को आवेदन किया गया, लेकिन इंस्पेक्टर ने यह कह कर कार के रजिस्ट्रेशन की अनुमति देने से इंकार कर दिया था कि कार का असल रंग सफेद था, जिस पर अब पेंट कर दिया गया है और यह कार के वास्तविक स्वरूप में परिवर्तन की श्रेणी में आता है। जिसके बाद उन्होंने इस संबंध में हाईकोर्ट में अपील की थी। रणजीत मल्होत्रा ने बताया कि विभाग ने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए बुधवार को पासिंग व नंबर जारी करने का काम पूरा किया गया है।