चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर गंभीर आरोप लगाया गया है। याचिका में कहा है कि 50 साल पहले चंडीगढ़ प्रशासन को ट्रांसफर की गई जमीन पर अवैध कालोनी कट रही है और इन जमीनों की रजिस्ट्रियां मोहाली में हो रही है। मामला चंडीगढ़ के एसएसपी के पास भी उठाया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर अदालत की शरण लेनी पड़ी।
याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस सूर्यकांत व जस्टिस पीबी बजंतरी की डिवीजन बेंच ने यूटी और मोहाली के उपायुक्तों समेत चंडीगढ़ के एसएसपी से जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई 29 अप्रैल को होगी। गांव नाडा के राजीव कुमार ने एडवोकेट मोहिंदर वर्मा के माध्यम से दायर याचिका में आरोप लगाया है कि अधिकारियों की मिलीभगत के बिना ऐसा संभव नहीं है, लिहाजा मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और नाडा में कट रही अवैध कालोनी पर रोक लगे।
याचिका में कहा है कि वर्ष 1952-53 में गांव नाडा की समूची शामलात जमीन का एक ही खसरा नंबर होता था, लेकिन वर्ष 1966 में जमीन के तीन खसरा नंबर हो गए। एक खसरे की जमीन चंडीगढ़ प्रशासन को ट्रांसफर कर दी गई थी, लेकिन अब कुछ लोग चंडीगढ़ में आई जमीन के खसरे की जमीन पर अवैध कालोनी काट रहे हैं और प्लाटों की रजिस्ट्रियां मोहाली में हो रही हैं। आरोप है कि तीन खसरों के बंटवारे के बावजूद जमीन पास-पास होने का फायदा उठाकर यूटी के हिस्से में आई जमीन की अवैध रजिस्ट्रियां कराई जा रही हैं।