नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी लड़के को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने जमानत का लाभ देते हुए लड़की के परिजनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए कदम उठाने की छूट दे दी है। लड़की के परिजनों से हत्या के प्रयास की धारा हटाने पर पंजाब सरकार के जवाब न दे पाने पर हाईकोर्ट ने पीड़ित लड़के को यह छूट दी है।
दुष्कर्म के आरोपी व पिटाई मामले में पीड़ित लड़के की ओर से एडवोकेट ईशान गुप्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि शिकायतकर्ता कि बेटी के साथ याचिकाकर्ता का प्रेम प्रसंग चल रहा था। 10 सितंबर 2019 को याचिकाकर्ता के साथ अपनी बेटी को पाने के बाद शिकायतकर्ता ने याचिकाकर्ता की जमकर पिटाई की जिसके चलते उसे कई फैक्चर हुए और उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इस दौरान याचिकाकर्ता पर संगरूर में पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज करवाया गया।
याचिकाकर्ता व उसके परिवार पर हमले के चलते याचिकाकर्ता की ओर से भी शिकायत दी गई जिसके चलते उस मामले लड़की के परिजनों पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया। याचिकाकर्ता ने बताया कि लड़की के घरवाले प्रभावशाली लोग हैं और इसी के चलते चालान पेश करते हुए हत्या के प्रयास की धारा को हटा दिया गया।
हाईकोर्ट ने इस मामले में लड़के के परिवार वालों द्वारा लड़की के परिवार वालों पर समझौते के दबाव और 307 धारा हटाने पर पंजाब सरकार से जवाब मांगा था। मामला लड़के की जमानत से जुड़ा हुआ था। दोनों सवालों का जवाब देने में पंजाब सरकार नाकाम रही जिसके चलते हाईकोर्ट ने अब याचिकाकर्ता को जमानत दे दी है। इसके साथ ही 307 धारा हटाने पर हैरानी जताते हुए याचिकाकर्ता को छूट दी है कि वह लड़की के घर वालों के खिलाफ कानून के अनुरूप कार्रवाई के लिए कदम उठा सकता।