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Chandigarh News: एडीए और डीडीए के पदों को भरने के लिए हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को दी राहत

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चंडीगढ़। जिला अदालत में सरकारी वकीलों की कमी से न्याय प्रक्रिया की सुस्त रफ्तार के चलते एडिशनल डिस्टि्रक्ट अटॉर्नी (एडीए) और डिप्टी डिस्टि्रक्ट अटॉर्नी (डीडीए) के पदों को 30 नवंबर तक भरने की समय अवधि को बढ़ाने की मांग करते हुए यूटी प्रशासन ने हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की है। हाईकोर्ट ने इसे मंजूर करते हुए एडिशनल डिस्टि्रक्ट अटॉर्नी के पदों को पदोन्नति से भरने के लिए 30 नवंबर और डिप्टी डिस्टि्रक्ट अटॉर्नी के पदों को सीधी भर्ती के लिए 28 फरवरी तक की मोहलत दी है। चंडीगढ़ जिला बार एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया था कि जिला अदालत में सरकारी वकीलों की संख्या बहुत कम है, जिससे न्याय प्रक्रिया सुस्त पड़ गई है। बार एसोसिएशन के प्रधान एनके नंदा ने कहा कि चंडीगढ़ जिला अदालत में जजों की संख्या 29 है, जबकि सरकारी वकीलों की संख्या केवल 20 है। इन सरकारी वकीलों को ही स्थायी लोक अदालत व लोक अदालत में पेश होने के लिए जाना पड़ता है। हाईकोर्ट को बताया गया कि चंडीगढ़ में सरकारी वकीलों की संख्या केवल 20 है, जिसमें से एक डीसी ऑफिस में तैनात हैं। लंच के बाद अन्य वकीलों को स्थायी लोक अदालत व लोक अदालत में जाना पड़ता है। इसका खामियाजा वकीलों व लोगों को भुगतना पड़ता है। चंडीगढ़ में जिला अदालत में जजों की संख्या तो बढ़ गई, लेकिन वकीलों की संख्या कई साल पुरानी है। सभी अदालत में वकील पेश न होने के कारण मामलों में गवाही व पेशी पर प्रभाव पड़ता है। मामलों में समय पर सुनवाई नहीं हो पाती व लंबी-लंबी तारीख पड़ रही है। जजों की संख्या ज्यादा व सरकारी वकीलों की संख्या कम होने के कारण वकील सभी अदालत को समय नहीं दे पाते। इसका नुकसान न्याय प्रणाली पर पड़ रहा है।
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