-जींद के एसपी को हलफनामा सौंपने या खुद हाजिर रहने का आदेश
कहा-लंबित कैंसिलेशन रिपोर्ट से आरोपी व पीड़ित दोनों के हित होते हैं प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में कैंसिलेशन रिपोर्ट 7 साल पहले तैयार होने के बावजूद अभी तक अदालत में पेश न करने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हैरानी जताते हुए अब जींद के एसपी को तीन साल का ब्योरा सौंपने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि लंबित कैंसिलेशन रिपोर्ट से आरोपी और पीड़ित दोनों प्रभावित होते हैं।
धर्म सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में 20 सितंबर 2016 को दर्ज एफआईआर में सीबीआई जांच की मांग की थी। केस की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को बताया गया कि इस मामले में 15 दिसंबर 2017 को कैंसिलेशन रिपोर्ट तैयार कर ली गई थी लेकिन इसे अदालत में पेश नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने इस पर हैरानी जताते हुए कहा कि कैसे कैंसिलेशन रिपोर्ट तैयार होने के बावजूद 7 साल तक कोर्ट में पेश नहीं की गई। हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अब जींद के एसपी से पूछा है कि बीते तीन साल में कितनी कैंसिलेशन रिपोर्ट मंजूरी के लिए किस दिन आई। इन्हें किस दिन मंजूरी दी गई और किस दिन कोर्ट में पेश किया गया। हाईकोर्ट ने कहा कि यदि अगली सुनवाई पर एसपी ने यह जानकारी नहीं सौंपी तो उन्हें खुद हाजिर होना होगा।