स्पीकर के ओएसडी को सचिव पद प्रभार के फैसले को दी गई है चुनौती
स्पीकर, मुख्य सचिव, विधानसभा सचिव व अन्य को नोटिस जारी
चंडीगढ़। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा विधानसभा के सचिव पद पर सीधी भर्ती को चुनौती देने वाली याचिका पर हरियाणा के मुख्य सचिव, स्पीकर और राज्य विधानसभा के सचिव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही याचिका लंबित रहते चयन प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। विधान सभा में अतिरिक्त सचिव के तौर पर कार्यरत नरेन दत्त ने हाईकोर्ट में याचिका दााखिल करते हुए सचिव पद पर हो रही भर्ती को चुनौती दी है। याचिका में कहा कि अधिकारियों को इस पद पर सीधी भर्ती करने का अधिकार नहीं है। याचिका में स्पीकर के ओएसडी के रूप में कार्यरत सतीश कुमार को सचिव पद का प्रभार देने के स्पीकर के फैसले को भी चुनौती दी गई है। याची ने बताया कि उसे 16 अप्रैल, 2013 को राज्य विधानसभा के उप सचिव के रूप में नियुक्त किया था। सात अप्रैल, 2017 को संयुक्त सचिव के रूप में पदोन्नत किया गया और पांच जून, 2023 को अतिरिक्त सचिव के रूप में पदोन्नत किया था। वैधानिक नियमों के अनुसार सचिव पद के लिए अतिरिक्त सचिव के रूप में एक साल का अनुभव आवश्यक है। तीन अप्रैल 2024 को सचिव पद का प्रभार सतीश कुमार को दिया गया है, जो योग्य नहीं हैं और स्पीकर के ओएसडी के रूप में काम कर रहे हैं, जो स्वीकृत पद नहीं है। याचिकाकर्ता के वकील सुनील नेहरा ने तर्क दिया कि अब याचिकाकर्ता के सही दावे को खारिज करने को सचिव पद को सीधी भर्ती के माध्यम से भरने के लिए विज्ञापन जारी किया गया है, जबकि वैधानिक नियमों के अनुसार यह पद केवल पदोन्नति के माध्यम से भरा जा सकता है।