फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh : विधवा के लिए भी करवाचौथ अनिवार्य करने की मांग पर हाईकोर्ट नाराज, जुर्माने के साथ याचिका खारिज

Fri, 24 Jan 2025 06:06 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़

सार

अदालत ने कहा कि  यची ने हमारा बहुत कीमती समय बर्बाद किया है, इसके लिए उसे जुर्माना अदा करना होगा। हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए याची पर 1 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
विज्ञापन
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

करवाचौथ को उत्सव घोषित करने और इसे विधवा, तलाकशुदा या सहमति संबंध में रहने वाली महिलाओं के लिए भी अनिवार्य बनाने की अजीब मांग को लेकर दाखिल याचिका को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 1 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए खारिज कर दिया है।

विज्ञापन


याचिका दाखिल करते हुए पंचकूला निवासी नरेंद्र कुमार मल्होत्रा ने हाईकोर्ट से अपील की कि करवाचौथ को उत्सव घोषित किया जाए। याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि केंद्र सरकार को आदेश दिया जाए कि विधवा, तलाकशुदा या सहमति संबंध में रहने वाली महिलाओं को इसमें शामिल किया जाए। समाज का कोई भी वर्ग यदि इसका विरोध करता है तो इसे अपराध मानते हुए दंड का प्रावधान किया जाना चाहिए। याची ने कहा कि इसके लिए कानून बनाने का केंद्र सरकार को आदेश दिया जाए।

हाईकोर्ट ने कहा कि यह एक सामाजिक मुद्दा है, जिसे लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। कानून बनाना विधायिका का काम है, न्यायपालिका का नहीं। हमारा काम केवल कानून में भेद-भाव, त्रुटि, अन्याय आदि की स्थिति में नागरिकों के सांविधानिक अधिकारों की रक्षा करना है। याची ने हमारा बहुत कीमती समय बर्बाद किया है, इसके लिए उसे जुर्माना अदा करना होगा। हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए याची पर 1 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माने की राशि याची को पीजीआई पुअर पेशेंट रिलीफ फंड में जमा करवानी होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें