शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि वह सशस्त्र बलों में सिख सैनिकों के लिए हेलमेट अनिवार्य करने के फैसले में व्यक्तिगत तौर पर हस्तक्षेप करें। बादल ने केंद्र सरकार के इस कदम को उकसाने वाला और असंवेदनशील बताते हुए कहा कि यह न केवल इतिहास में अभूतपूर्व है, बल्कि सभी तर्कों को झुठलाता है, क्योंकि सिख सैनिक अतीत में भी इस तरह के हेलमेट की आवश्यकता महसूस किए बिना हमेशा देश की रक्षा में सबसे आगे रहे हैं।
अकाली दल अध्यक्ष ने कहा कि अगर अखबारों की रिपोर्ट समेत विभिन्न स्रोतों से सामने आई जानकारी सच है तो हमें हैरानी है कि सरकार ने इस तरह की गंभीर भावनात्मक और धार्मिक संवेदनशीलता के मामले में सम्मानित और स्थापित सिख सिद्धांतों, मानदंडों और प्रथाओं की इस तरह से घोर अवहेलना की है। उन्होंने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि यह सिख मर्यादा से संबंधित है और इसके साथ किसी को छेड़छाड़ करने का कोई अधिकार नही है।
बादल ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री मामले में हस्तक्षेप कर ऐसे किसी भी प्रस्ताव को रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने भी सिख सैनिकों पर इस तरह का निर्णय लेने के लिए दबाव नहीं डाला था। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय ने 1948, 1962, 1965 और 1971 के युद्धों समेत कारगिल व अन्य सभी सैनिक अभियानों में आगे बढकर नेतृत्व किया है।
उन्होंने कहा कि सिख सिद्धांत में अपनी पगड़ी के उपर किसी भी तरह की कवरिंग पहनने की रोक है और दोनों विश्व युद्धों में सिखों को न तो पगड़ी के उपर कोई हेडगियर पहनने को कहा गया था और न ही उन्हें मजबूर किया गया था।