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ड्राइविंग करने वाली लड़कियों के लिए हेलमेट से जुड़ा फरमान, पर इन्हें मिली खास छूट

Thu, 26 Apr 2018 11:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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helmet - फोटो : अमर उजाला
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हाईकोर्ट की फटकार के बाद महिलाओं की सुरक्षा के प्रति चंडीगढ़ प्रशासन ने ठोस कदम उठाया है, लेकिन एक वर्ग को खास छूट दी गई है। मंगलवार को ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी करते हुए शहर में सभी महिलाओं का हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया है। सिर्फ उन सिख महिलाओं को हेलमेट से छूट दी गई है, जो सिर पर पटका बांधती हैं। यूटी ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने चंडीगढ़ मोटर व्हीकल्स रुल्स 1990 में रूल नंबर 193 में बदलाव करते हुए नया नोटिफिकेशन जारी किया है।
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प्रशासन ने ड्राफ्ट नोटिफिकेशन पर 30 दिन के अंदर लोगों को अपने सुझाव और आपत्ति दर्ज कराने के लिए कहा है। निदेशक ट्रांसपोर्ट अमित तलवार ने बताया कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश पर मोटर व्हहीकल्स रुल्स में बदलाव कर इस ड्राफ्ट को तैयार किया है। लोगों के सुझाव व आपत्ति आने के बाद नोटिफिकेशन को मंजूरी दी जाएगी।

सड़क हादसों में बिना हेलमेट महिलाओं की मौत के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए अब चंडीगढ़ में महिलाओं का हेलमेट पहनना अनिवार्य होने जा रहा है। इसको लेकर प्रशासनिक स्तर पर महिलाओं का हेलमेट पहनना अनिवार्य करने के लिए प्रशासन व पुलिस ने आपसी विचार के बाद पॉलिसी को लेकर ड्राफ्ट तैयार किया है, जोकि पब्लिक ओपिनियन के लिए  प्रशासन ने जारी किया है। प्रशासन ने सिख महिलाओं की धार्मिक भावनाओं को देखते हुए हेलमेट से छूट दी है।
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ऑनलाइन और आफलाइन भेज सकते हैं अपने सुझाव
रेजिडेंट्स नोटिफिकेशन पर अपने सुझाव ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से भेज सकते हैं। ऑनलाइन के लिए   स्रद्बह्म्द्गष्ह्लशह्म्ष्ह्लह्वष्द्धस्रञ्चद्दद्वड्डद्बद्य.ष्शद्व  ईमेल आईडी पर अपने सुझाव भेजने होंगे। जबकि सेक्टर-9 स्थित यूटी सचिवालय की बिल्डिंग में कमरा नंबर 19 में ट्रांसपोर्ट सुपरिंटेंडेंट के पास व्यक्तिगत रूप से भी सुझाव व आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।

हरियाणा और पंजाब में 90 फीसदी दोपहिया चालक नहीं पहनते हेलमेट
महिलाओं के लिए हेलमेट अनिवार्य न होने पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सुनवाई  के दौरान हरियाणा, पंजाब और यूटी को जमकर फटकार लगाई थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि क्या मौत लिंग देखकर आती है या कोई गारंटी है कि महिलाओं का एक्सीडेंट नहीं होगा। हाईकोर्ट ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि सबकी जान की कीमत बराबर होती है। महिलाओं की खोपड़ी पुरुषों से अलग नहीं होती। यूटी प्रशासन ने इस पर जवाब के लिए समय मांगा है। बता दें कि यूटी प्रशासन की ओर से अगली सुनवाई इस ड्राफ्ट पॉलिसी को हाईकोर्ट में भी पेश किया जाएगा।

पिछले पांच सालों में 116 महिलाओं की रोड एक्सीडेंट में हुई मौत
चंडीगढ़ पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक पांच सालों में सड़क हादसे में बिना हेलमेट के 116 महिलाओं की मौत हो चुकी है। चंडीगढ़ में 96 प्रतिशत महिलाएं बिना हेलमेट के टू-व्हीलर चलाती हैं। हाईकोर्ट में यूटी ट्रैफिक पुलिस की ओर से पेश किए गए हलफनामे के मुताबिक पिछले तीन साल में 85 महिलाएं घायल हुई हैं।
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हेल्मेट खरीदते समय रखे इन बातों का ध्यान
1.जो फुल फेस के साथ ठोडी को कवर करते, वही हेल्मेट खरीदें।
2.आईएसआई मार्का ही हेल्मेट खरीदें। युवतियों के लिए विशेष तौर पर हेल्मेट आते हैं।
3.कम खर्च के लालच में कभी भी सड़क किनारे दुकान से हेल्मेट न खरीदें।
4.हेल्मेट के ग्लास भी महत्वपूर्ण होते हैं। ब्रांडेड हेल्मेट के शीशे भी मजबूत होते हैं।
5.हेल्मेट में गहरे रंग के शीशे न हो। शीशे पारदर्शी हो या हल्के काले रंग के शेड के साथ हो।
6.खरीदते समय इस बात की जांच कर लें कि अंदर के भाग से हेल्मेट टूटा न हो।
7.अंदर का मैटेरियल भी चेक करें। खराब मैटेरियल चेहरे और बालों को भी नुकसान पहुंचा सकता है।
8.हेल्मेट का साइज ऐसा हो, जो आपको आराम दे। कभी भी कसा हुआ या ढीला हेल्मेट न खरीदे। पहनकर जरूर देंखे।
9.हेल्मेट की बेल्ट में लॉक स्विच भी चेक करें। कई बार जल्दी खराब होता है, जो दुर्घटना के समय घातक साबित हो सकता है।
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