-ठंड और बारिश से जनजीवन प्रभावित, अभी जारी रहेगा बारिश का दौर
अमृतसर/लुधियाना/पटियाला/होशियारपुर/पठानकोट
पंजाब में पिछले कुछ दिनों से मौसम ने अचानक करवट ली है जिसके परिणामस्वरूप राज्य के विभिन्न हिस्सों में तेज हवाओं, भारी बारिश और ओलावृष्टि का सिलसिला जारी रहा। शुक्रवार रात से शुरू हुई इस बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया और तापमान में भारी गिरावट दर्ज की। बारिश के कारण न केवल सर्दी का प्रकोप बढ़ा, बल्कि किसानों को भी राहत मिली, हालांकि कुछ इलाकों में नुकसान की भी खबरें आई हैं।
लुधियाना में शुक्रवार की शाम से बारिश का सिलसिला शुरू हुआ जो रुक-रुक कर जारी रहा। तेज हवाओं और बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में जलभराव हो गया। टूटी सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हुआ। शहर का अधिकतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11.4 डिग्री सेल्सियस रहा। बारिश के कारण ठंड में अचानक इजाफा हुआ जिससे लोग सर्दी से जूझते नजर आए। बुड्ढा दरिया भी उफान पर था, जो जल स्तर में वृद्धि का संकेत देता है।
अमृतसर में 25.2 मिमी बारिश के बाद मौसम में भारी बदलाव आया। बारिश से तापमान में गिरावट आई और ठंडी का असर बढ़ा। बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिकतम तापमान 21.3 डिग्री सेल्सियस तक गिरा, जबकि न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री रहा। हालांकि, दिन के समय धूप खिली, लेकिन तेज हवाओं के कारण ठंड बनी रही।
पूरे राज्य में हुई बारिश ने कृषि क्षेत्र में राहत दी है। गेहूं और सरसों की फसल के लिए यह बारिश बेहद फायदेमंद मानी जा रही है, क्योंकि इस समय इन फसलों को पानी की आवश्यकता थी। विशेषज्ञों का कहना है कि हल्की बारिश से मिट्टी में नमी बढ़ेगी, जिससे फसलों की वृद्धि में सुधार होगा। साथ ही, मक्की की बुआई के लिए भी यह बारिश सहायक साबित होगी। हालांकि, कुछ स्थानों पर जलभराव और ओलावृष्टि ने फसलों को नुकसान भी पहुंचाया।
पठानकोट में फ्लाईओवर के पास एक कार चालक फंसा
पठानकोट में भी बारिश के कारण लोग परेशान हुए। ढाकी फ्लाईओवर के पास एक कार चालक बारिश के कारण जमा पानी में फंस गया। हालांकि, चालक ने अपनी जान बचाई लेकिन कार दोपहर बाद तक पानी में फंसी रही। बारिश ने जहां एक ओर ठंड को बढ़ाया, वहीं तापमान में भी गिरावट आई। मौसम विभाग ने अगले 12 घंटों तक मौसम में इसी प्रकार के बदलाव की संभावना जताई है।
मुक्तसर:
किसानों के चेहरे खिले
मुक्तसर जिले में वीरवार रात से शुरू हुई बारिश ने किसानों के चेहरे पर खुशी ला दी। गेहूं की फसल को पानी की जरूरत थी और यह बारिश फसलों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रही है। किसान यूनियन के नेताओं का कहना है कि हल्की बारिश से फसलों को कोई नुकसान नहीं हुआ, बल्कि यह लाभकारी है। हालांकि कुछ इलाकों में ओलावृष्टि हुई लेकिन फसल पर कोई गंभीर असर नहीं पड़ा।
होशियारपुर: स्कूलों में बच्चों की संख्या कम रही
होशियारपुर और आसपास के इलाकों में भी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया। स्कूलों में बच्चों की संख्या कम रही और किसानों ने इस बारिश को फसलों के लिए वरदान बताया। खासकर गेहूं की फसल को इस बारिश से काफी फायदा हुआ है, क्योंकि लंबे समय से पानी की कमी महसूस हो रही थी। इसके अलावा, शीतकालीन मक्का की बुआई के लिए भी यह बारिश राहत का कारण बनी है। हालांकि, कुछ किसानों ने कहा कि बारिश के कारण आलू की खुदाई का काम प्रभावित हुआ है।
नंगल: बाजारों में सन्नाटा पसरा
नंगल और उसके आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही जोरदार बारिश हो रही है। ठंडी हवाओं और बारिश के कारण सर्दी का प्रकोप बढ़ गया है। इस बारिश को गेहूं की फसल के लिए बेहद लाभकारी माना जा रहा है, क्योंकि यह पानी न केवल फसलों के लिए जरूरी था, बल्कि इससे उत्पादन में भी वृद्धि होने की संभावना है। हालांकि, सर्दी के कारण लोग घरों में दुबके हुए हैं और बाजारों में सन्नाटा पसरा है।