साढ़े तीन घंटे हुई तेज बारिश ने नगर निगम के दावों की पोल खोल दी। शहर की सभी मुख्य सड़कों व अंदरूनी सड़कों पर करीब डेढ़ से दो फुट तक पानी भर गया था। कई इलाकों में तो पानी लोगों के घरों में घुस गया। फेज-चार में पानी निकालने के लिए सड़क के डिवाइडर को जेसीबी से तोड़ा गया।
वहीं, बोगनविलिया और मैंगो पार्क में लगाया गया रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम जवाब दे गया। फेज-चार में शापिंग स्ट्रीट को खोदकर डाली गई पाइप लाइन की वजह से जमीन धंस गई। इससे पूरे दिन लोग परेशान हुए। ऐसे ही हालात नयागांव और खरड़ में रहे। एयरपोर्ट रोड, नेशनल हाईवे-21 पर पानी भरने से घंटों वाहन चालक परेशान होते रहे। पानी की निकासी के लिए नगर निगम के अधिकारी, फायर ब्रिगेड कर्मी व विभिन्न इलाकों के पार्षद और समाजसेवी जुटे रहे।
सुबह नौ बजे बारिश शुरू हुई थी। देखते ही देेखते बारिश काफी तेज हो गई। रोड गलियां जवाब दे गईं और सड़कों पर पानी भर गया। इस कारण कई दोपहिया वाहन व कारें पानी में बंद हो गईं। इससे आवाजाही प्रभावित हुई। इस दौरान फेज-11 के एलआईजी, एमआईजी मकानों में पानी भर गया। लोगों ने रुकावटें लगाकर पानी को रोका। फेज-10 और नौ में भी ऐसी ही समस्या रही। इसी तरह वाईपीएस चौक पर करीब दो-दो फुट पानी भरने से लोगों को काफी दिक्कत आई। फेज-1 के एचएल क्वार्टरों व मोटर मार्केट में पानी भर गया था। लोगों ने मौके पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी बुलाई। इसके बाद लोगों ने घरों से पानी निकलवाया।
स्कूलों में भर गया पानी
Mohali Rain
फेज-5 के एचई मकानों में भी पानी दाखिल हो गया था। पार्षद अरुण शर्मा ने खुद कमान संभाली। बारिश में पानी की निकासी में जुटे रहे। फेज-3बी2, फेज-4 की मुख्य सड़क समेत कुंभड़ा, सोहना और बलौंगी में भी बारिश के चलते जलभराव की समस्या आई।
वहीं, मदनपुरा चौक से डिप्लॉस्ट चौक रोड, फेज-5 की अंदरूनी सड़क, फेज-7, फेज-11 में बावा व्हाइट हाऊस के पास, राधा स्वामी सत्संग भवन के पास एयरपोर्ट रोड पर भी तीन-तीन फुट पानी भर गया। फेज-11 में क्ववार्टरों में पानी घुस गया। फेज-6 में सिविल अस्पताल वाली रोड और अस्पताल के अंदर भी पानी भर गया। वहीं, कैब कंपनियों ने अपनी सर्विस बंदर कर दी। इससे लोगों को आने-जाने में दिक्कत हुई। इसके अलावा वकीलों के चेंबरों में भी पानी भर गया। बारिश बंद होने के बाद वकीलों ने राहत की सांस ली।
स्कूलों में भर गया पानी
गांव कुंभड़ा के सरकारी एलीमेंट्री स्कूल व गांव सोहाना के सरकारी गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल (लड़कियां) में भी पानी भर गया। कुंभड़ा के स्कूल में पानी वाली मोटर भी पानी में डूब गईं। इस कारण बिजली का करंट आने का भी खतरा बन गया। ऐसे में अध्यापकों ने छोटे छोटे बच्चों को छुट्टी कर दी और बड़ी श्रेणियों के बच्चे व अध्यापकों को स्कूल की पहली मंजिल पर जाकर बैठना पड़ा।