चंडीगढ़। चिलचिलाती धूप ने अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ा दी है। स्थिति यह है कि चंद दिनों पहले तक ओपीडी में लोग सुबह और शाम के बदलते तापमान के कारण बीमार होकर इलाज कराने पहुंच रहे थे, वहीं अब तेज धूप और गर्म हवाएं सेहत खराब कर रही हैं। धूप के कारण सिर दर्द, बुखार, डिजाइड्रेशन, पेट दर्द और ऐसी अन्य परेशानी तेजी से बढ़ रही है। इससे बचाव के लिए विशेषज्ञ खान-पान में एहतियात बरतने के साथ ही धूप से बचाव की सलाह दे रहे हैं।
स्थिति यह है कि जीएमसीएच-32, जीएमएसएच-16 समेत सभी सिविल अस्पतालों की ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक में उल्टी-दस्त, वायरल बुखार, पेट दर्द के मरीज पहुंच रहे हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने मौसम की स्थिति को देखते हुए रविवार को हीट वेब से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है। वहीं, डॉक्टर इलाज के साथ ही मरीजों को बचाव संबंधित सलाह भी दे रहे हैं। जीएमएसएच-16 के बालरोग विभाग की प्रमुख डॉ. सद्भावना का कहना है कि इस समय बच्चों पर विशेष ध्यान दें। उनमें पानी की कमी जैसी स्थिति न उत्पन्न होने दें। डिहाइड्रेशन होने पर नमक और चीनी पानी का घोल या ओआरएस दें। खासतौर पर मां का दूध पीने वाले बच्चों को तय समय के अंतराल पर स्तनपान कराते रहे। वहीं, स्कूल जाने वाले बच्चों को अलग से फलों वाला टिफिन भी दें। छोटी की बजाय थोड़ी बड़ी बोतल में पानी दें। सुबह फल खिलाकर स्कूल भेजें। टिफिन में तली-भुनी चीजें दें। इसके साथ ही जरूरी है कि उन्हें धूप में न भेजा जाए।
आहार पर विशेष ध्यान जरूरी
पीजीआई की आहार विशेषज्ञ डॉ. रचना श्रीवास्तव का कहना है कि मौजूदा समय में तैलीय व मसालेदार भोजन न करें। ज्यादा देर तक भूखे पेट ना रहें, पर्याप्त पेय पदार्थों का सेवन करें। सुबह नाश्ते में फल और हरी सब्जियां ज्यादा मात्रा में लें। पानी की मात्रा बढ़ा दें। बासी भोजन न करें। बाजार में बिक रहे कटे फलों का सेवन न करें। डिब्बा बंद जूस या एनर्जी ड्रिंक के बजाय साबुत फल खाए। नींबू पानी, नारियल पानी लें।