कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की जेड प्लस सुरक्षा घटा कर इसे वाई श्रेणी का करने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान सुरक्षा समीक्षा रिपोर्ट में देरी पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को दो टूक शब्दों में कहा कि इस मामले को लटकाने का प्रयास न किया जाए और हर हाल में गुरुवार तक रिपोर्ट सौंप दी जाए।
नवजोत सिद्धू ने अपनी सुरक्षा को बढ़ाए जाने की मांग को लेकर दाखिल याचिका में बताया है कि उन पर खतरे का आकलन कर केंद्र सरकार ने ही उन्हें जेड प्लस सुरक्षा दी थी लेकिन रोड रेज मामले में जब उन्हें एक साल की सजा सुनाई गई तो जेल में होने के कारण उनकी सुरक्षा वापस ले ली गई थी। सिद्धू ने कहा कि उन्हें आश्वासन दिया गया था कि जब वह अपनी सजा पूरी कर जेल से बाहर आएंगे तब उनकी पहले की सुरक्षा बहाल कर दी जाएगी लेकिन जब वह जेल से रिहा हुए तो उनकी सुरक्षा कम करते हुए वाई कैटेगरी कर दी गई।
शुक्रवार को मामले की सुनवाई आरंभ होते ही सिद्धू की याचिका पर हाईकोर्ट ने उनकी सुरक्षा की समीक्षा से जुड़ी रिपोर्ट मांगी। इस पर पंजाब सरकार ने वह रिपोर्ट दाखिल कर दी जिसके आधार पर सुरक्षा को जेड प्लस से वाई किया गया था। हाईकोर्ट ने इस पर पूछा कि पिछले आदेश के अनुरूप सुरक्षा समीक्षा से जुड़ी ताजा रिपोर्ट क्यों नहीं पेश की गई। इस पर पंजाब सरकार ने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों से इनपुट में देरी के कारण यह रिपोर्ट नहीं पेश कर पाए हैं, ऐसे में उन्हें कुछ वक्त दिया जाए। हाईकोर्ट ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि पंजाब सरकार इस मामले को लटकाने की कोशिश कर रही है। कोर्ट ने पंजाब सरकार को अब गुरुवार तक की मोहलत देते हुए रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है।
सीएम के करीबियों की सुरक्षा पर उठाए सवाल
पंजाब सरकार ने कहा कि सुरक्षा किसी का अधिकार नहीं है। सरकार की तरफ से कहा गया की जेड प्लस सुरक्षा खतरे का आकलन कर दी जाती है। इस पर याची के वकील ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री की बहन व पत्नी को किस आधार पर जेड प्लस सिक्योरिटी दी गई है, उसकी जानकारी कोर्ट में बताएं व अन्य लोगों को भी जेड प्लस किस आधार पर दी गई है उसकी रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाए।
सिद्धू की सुरक्षा में जो पुलिस कर्मी लगे है वो ट्रेंड नहीं हैं और ज्यादातर रिटायर होने वाले हैं। सुरक्षा में 24 सुरक्षा कर्मी रोटेशन में हैं न कि 24 घंटे के लिए। एक समय में उसकी सुरक्षा में केवल आठ कर्मी तैनात है। इतनी सुरक्षा के बावजूद घर में अनजान व्यक्ति घुस जाता है तो यह कैसी सुरक्षा है।