चंडीगढ़। मौसम में बदलाव और तापमान में उतार-चढ़ाव से रोग प्रतिरोधक क्षमता पर तेजी से असर पड़ रहा है। इससे अस्पतालों में वायरल संक्रमण के मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। ज्यादातर मामलों इस बदलाव से वायरल, बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से मौसम में बदलाव आया है। दिन में तापमान ज्यादा रहता है जबकि रात में कभी ठंड तो कभी गर्मी होने लग रही है। ऐसे में की जा रही जरा-सी लापरवाही सेहत खराब कर रही है। जीएमएसएच 16 के बालरोग विभाग की प्रमुख डॉ. सद्भावना पंडित का कहना है कि सर्दी का मौसम जाने के बाद और गर्मी शुरू होने के बीच मौसम काफी स्विंग करता है। इस मौसम में संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा रहता है। इन दिनों सर्दी-जुकाम, खांसी, सांस लेने में परेशानी, गले में खराश, सिर में जकड़न, वायरल फीवर के मरीज बढ़ रहे हैं। ऐसे में जिन लोगों का रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है उन पर ऐसे मौसम का बुरा प्रभाव पड़ता है। खासकर बुजुर्ग, बच्चे और बीमार लोगों पर ज्यादा खतरा रहता है। तापमान में आए बदलाव के कारण इन दिनों छोटे बच्चों को रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन के साथ कफ और खांसी जैसी शिकायत से परेशान कर रही हैं। डॉ. सद्भावना का कहना है कि सुबह-शाम ठंड और दोपहर का मौसम गर्म हो रहा है। ऐसे में सेहत पर दुष्प्रभाव पड़ना तय है। बच्चों को लेकर इस मौसम में ज्यादा सावधान रहने की जरूरत होती है। इस मौसम में उन्हें सर्दी-जुकाम, वायरल या बैक्टीरियल इन्फेक्शन ही नहीं लूज मोशन और फीवर जैसी समस्याएं हो सकती हैं।