सेहत मंत्री सुरजीत कुमार ज्याणी ने शनिवार को एक कार्यक्रम में अजीबोगरीब सलाह दे डाली। शराब के सेवन पर पाबंदी लगाने के सवाल पर ज्याणी ने कहा कि शराब का चलन आदिकाल से है।
सीमित मात्रा में सेवन से कोई असर नहीं होता। जबकि स्मैक, तंबाकू और हेरोइन खतरनाक नशा है। इसे रोकने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। सेहत मंत्री भारत विकास परिषद की ओर से आयोजित कृत्रिम अंगदान कैंप का उद्घाटन करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे।
सेहत मंत्री ने इस अवसर पर 25 अंगहीनों को कृत्रिम अंग वितरित किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि मशीनी युग मानव जीवन को खोखला कर रहा है। हालत यह है कि लोग मेहनत करने के बजाय बैठे-बैठे मशीनों के बटन दबा कर काम ले रहे हैं, इससे बीमारियां बढ़ रही हैं।
लोगों को अपना लाइफस्टाइल बदल कर खुद मेहनत करनी होगी। ज्याणी ने दावा किया है कि सरकारी अस्पतालों की कार्य प्रणाली में लगातार सुधार दर्ज किया जा रहा है। इसके चलते अस्पताल में ओपीडी और डिलीवरी केसों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
सेहत मंत्री ने कहा कि सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की कोई कमी नहीं है। पिछले कुछ समय में डॉक्टर और अन्य स्टाफ की भरती की गई है। इससे अस्पतालों का कामकाज बेहतर हुआ है। सरकार ने अस्पतालों में सफाई का काम निजी कंपनी को देने का फैसला किया है।
इस प्रक्रिया को दो माह में पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही अस्पतालों में पीपीपी मॉडल के तहत डायग्नोस्टिक सेंटरों में अल्ट्रासाउंड, एक्सरे और एमआरआई इत्यादि सुविधाएं दी जाएंगी।
पत्रकारों से बातचीत में ज्याणी ने कहा कि आने वाले त्योहारी सीजन में मिलावट को रोकने के लिए सेहत विभाग ने कमर कस ली है। उन्होंने कहा कि मिलावट को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भारत विकास परिषद के सचिव नरेंद्र मित्तल ने कहा कि अब तक परिषद ने 996 कैंप लगा कर 41 हजार से अधिक लोगों को कृत्रिम अंग वितरित किए हैं। इस अवसर पर भाजपा के जिला प्रधान परवीन बंसल, विजय लक्ष्मी कपूर, आरपी गुप्ता और रमेश शर्मा मौजूद रहे।