सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों को पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन ने एक बार फिर झटका दिया है। पीएचएससी ने सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली सेवाओं के रेट बढ़ा दिए हैं। पीएचएससी ने अप्रैल-13 में ही रेट बढ़ाए थे। करीब एक साल बाद ही पीएचएससी ने फिर रेट बढ़ा दिए हैं। सरकारी अस्पतालों में अब ओपीडी के लिए परची लेने से लेकर दाखिल होना और जांच से लेकर इलाज तक सब महंगा हो गया है। नए रेट एक जुलाई-14 से लागू होंगे।
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ओपीडी से इंडोर तक महंगा
इलाज के लिए बनने वाली पर्ची की फीस पांच से दस रुपये कर दी गई है। दाखिला फीस जनरल वार्ड की पांच रुपये और प्राइवेट वार्ड की पचास रुपये बढ़ाई गई है। एसी रूम का किराया तीन सौ, कूलर रूम का पचास रुपये, हीटर रूम का 75 रुपये बढ़ा दिया गया है। आईसीयू का किराया भी सौ से 150 रुपये कर दिया गया है। माइनर सर्जरी की फीस पचास रुपये, मेजर और विशेष सर्जरी की फीस ढाई सौ रुपये बढ़ाई गई है।
डीएल के लिए जांच हुई महंगी
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों की जेब भी और ढीली होगी। पहले डीएल बनवाने के लिए मेडिकल जांच की फीस पचास रुपये थी। जिसे बढ़ा कर दो सौ रुपये कर दिया गया है। सरकारी नौकरी लगने पर मेडिकल कराने की फीस भी ढाई सौ से तीन सौ रुपये कर दी गई है। इसी तरह मेडिको लीगल रिपोर्ट की फीस दो सौ से तीन सौ रुपये, कॉपी लेने की फीस पचास से सौ रुपये कर दी गई है। एंबुलेंस का किराया भी आठ से दस रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया गया है।
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पहले ये थे, अब ये हैं रेट
विभाग ------------पुराने रेट---नए रेट ओटोलैरिंजोलॉजी ऑडियोमेट्री-----------50---100
सरकारी अस्पताल के लिए ब्लड टेस्टिंग - 300 -- 500 निजी अस्पताल के लिए ब्लड टेस्टिंग -------- 1450 सरकारी अस्पतालों के लिए आरबीसी --- 300 -- 500 निजी अस्पतालों के लिए आरबीसी पैक्ड सेल --- 1450 सरकारी अस्पतालों के लिए प्लाज्मा ---- 50 --- 300 निजी अस्पतालों के लिए प्लाज्मा ------------ 400 प्लेटलेट रिच प्लाज्मा (सरकारी अस्पताल) -100 -- 300 प्लेटलेट रिच प्लाज्मा (निजी अस्पताल) -------- 400 प्लेटलेट कंसन्ट्रेट्स (सरकारी अस्पताल) -- 100 -- 300 प्लेटलेट कंसन्ट्रेट्स (निजी अस्पताल) --------- 400
पीएचएससी ने लोगों को सिर्फएक राहत दी है। एंटी रेबीज वैक्सीन अब मुफ्त लगाई जाएगी। पहले इसकी एक डोज के लिए पचास रुपये फीस लगती थी।
सेहतमंत्री बोले, मेंटेनेंस भी तो करानी है सेहतमंत्री सुरजीत ज्याणी ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में मेंटेनेंस ठीक से नहीं हो पा रही थी। क्योंकि अस्पतालों से यूजर्स चार्जेज से उतना फंड नहीं जमा हो पा रहा था। अस्पतालों में सफाई के लिए मशीनों का इंतजाम करना है।
मेंटेनेंस के साथ-साथ सिक्योरिटी का भी इंतजाम करना है। क्योंकि सिक्योरिटी गार्ड्स के बिना काम नहीं चल रहा है। इसीलिए कुछ सेवाओं केरेट बढ़ाए गए हैं। अगर किसी खास सेवा के रेट पर लोगों ने मांग की तो पुनविर्चार किया जाएगा।