सेक्टर-22 का सिविल अस्पताल मेडिसिन और ऑर्थोपीडिक्स डॉक्टर के बिना ही चल रहा है। इससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों को सेक्टर 16 के अस्पताल, पीजीआई और जीएमसीएच-32 के अस्पतालों में इलाज के लिए जाना पड़ रहा है।
इस बारे में चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कई बार शिकायत दी। लेकिन इस दिशा में कोई फैसला नहीं हो पाया। हालांकि पिछले दिनों सेक्टर-22 अस्पताल में एक कार्यक्रम के दौरान आला अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वह जल्द ही डॉक्टरों की नियुक्ति करेंगे। ताकि मरीजों की समस्याओं का समाधान निकल पाए।
विशेषज्ञ बताते हैं कि मेडिसिन डिपार्टमेंट का डॉक्टर किसी भी अस्पताल की रीढ़ होता है। किसी भी अस्पताल में सबसे ज्यादा मरीज भी मेडिसिन डिपार्टमेंट के आते हैं। मेडिसिन के डॉक्टर न होने से लगातार भीड़ बढ़ रही है। इसके अलावा अस्पताल में सर्जरी विभाग के भी डॉक्टर नहीं है।
रात में एक्स-रे भी नहीं होते
सिविल अस्पताल में इमरजेंसी तो शुरू हो गई है, लेकिन रात के वक्त एक्स-रे की सुविधा नहीं है। अस्पताल के सेक्टर-22 से जुड़े सूत्रों ने बताया है कि इमरजेंसी में अगर कोई पेशेंट आ जाए तो उसका एक्स-रे होना असंभव है।
अस्पताल में एक्स-रे की सुविधा तो है, लेकिन रात के वक्त उसे संचालित करने वाला कोई नहीं है। इस बारे में भी कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन स्थिति की जस की तस बनी है। इसके अलावा ईसीजी टेक्नीशियन भी नहीं है।
इन डॉक्टरों की होती है ओपीडी
सेक्टर-22 अस्पताल में आई, फिजियोथैरेपी, गाइनी, पीडियाट्रिक्स, चेस्ट-टीबी और आयुर्वेदिक डिपार्टमेंट की रोजाना ओपीडी होती है। अस्पताल में गाइनी की ओपीडी में सबसे अधिक भीड़ होती है। गाइनी डिपार्टमेंट के डॉक्टर काफी काबिल हैं, जिसकी वजह से यहां पर मरीजों की भीड़ लगातार बढ़ रही है।