लुधियाना में अवैध अतिक्रमण हटाने के पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के तहत की जा रही कार्रवाई में दखल देना पंजाब के कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु सहित लुधियाना नगर निगम के मेयर और आयुक्त को भारी पड़ गया। हाईकोर्ट ने तीनों को अवमानना नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब कर लिया है। जस्टिस निर्मलजीत कौर ने यह नोटिस मामले को लेकर महासभा लुधियाना की याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया है।
याचिका में हाईकोर्ट को बताया गया है कि पूरे पंजाब में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई के हाईकोर्ट ने आदेश दिए थे। इसी आदेश के तहत जब अधिकारी कार्रवाई करने लगे तो उन्हें मंत्री भारत भूषण आशु ने फोन कर रोक दिया। हाईकोर्ट में मंत्री भारत भूषण आशु और सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर और डीएसपी के बीच फोन पर हुई बातचीत और मंत्री द्वारा इन दोनों अधिकारियों को की जा रही कार्रवाई रोके जाने की जानकारी दी गई। जिसमें मंत्री दोनों अधिकारियों को कोई भी कार्रवाई नहीं किए जाने के लिए कह रहे हैं।
जब अधिकारियों ने बताया कि वह हाईकोर्ट के आदेश पर ही यह कार्रवाई कर रहे हैं तो मंत्री ने कहा कि जाकर हाईकोर्ट को बता दो की मंत्री ऐसे नहीं करने दे रहा है। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि यह सीधे तौर पर हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना का मामला है जिसमें मंत्री खुद अधिकारियों को फोन पर कोई भी कार्रवाई न किए जाने को कह रहे हैं। हाईकोर्ट ने ही अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई किए जाने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट ने याचिका पर मंत्री भारत भूषण आशु सहित अन्य सभी प्रतिवादी पक्षों को 2 जुलाई के लिए अवमानना का नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।