हवलदार जोगेंद्र का पार्थिव शरीर ले जाते जवान।
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लेह में माइनस तापमान में तैनात रोहतक के सुनरिया कलां निवासी हवलदार जोगेंद्र सिंह का निधन हो गया। कमांड अस्पताल चंडीगढ़ में छोटी आंत के ऑपरेशन के बाद वेंटिलेटर पर उपचाराधीन जवान ने 27 दिसंबर को अंतिम सांस ली। गुरुवार को उनका पार्थिव शरीर सुनरिया कलां पहुंचा। गांव के श्मशान घाट में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। हवलदार जोगेंद्र के निधन से गांव में दुख की लहर दौड़ गई।
सेना की 15 जाट बटालियन के जवान जोगेंद्र की लेह में माइनस तापमान में ड्यूटी के दौरान तबीयत खराब हो गई थी। ऑक्सीजन कम होने के कारण पहले उल्टी दस्त लगी। बाद में गंभीर हालत के कारण छोटी आंत खराब हो गई। इसके चलते जवान को पहाड़ से नीचे लाया गया। चंडीगढ़ स्थित कमांड अस्पताल में ऑपरेशन कर जवान की खराब हुई छोटी आंत को निकाली दिया गया था। इसके बाद जोगेंद्र वेंटिलेटर पर थे।
शनिवार 24 दिसंबर को परिवार को उनके गंभीर बीमार होने का पता लगा। इसके बाद पत्नी सुशीला व अन्य परिजन अस्पताल मिलने पहुंचे। 27 दिसंबर को उनके निधन की सूचना घर आई तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बटालियन के जवान गुरुवार को साथी का पार्थिव शरीर लेकर सुनरिया पहुंचे। यहां सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इससे पूर्व सैनिकों ने अपने शस्त्र उलटे कर जवान को सलामी दी।