वहीं, चक्रवातीय तूफान बिपरजॉय कमजोर श्रेणी के कम दबाव क्षेत्र में तब्दील होकर दक्षिणी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय है। इसके असर से महेंद्रगढ़, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूंह, करनाल व यमुनानगर जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की गतिविधियां दर्ज की गईं। इस दौरान प्रदेश में अधिकतम तापमान 36.3 से 42.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.0 से 28.0 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। हिसार के कुछ हिस्सों में तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
आगे ऐसा रहेगा मौसम
22 जून तक हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली के दक्षिणी व उत्तरी हिस्से पर इस मौसम प्रणाली का आंशिक प्रभाव जारी रहने की संभावना है, जबकि प्रदेश के उत्तर पश्चिम हिस्सों फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी व रोहतक को छोड़कर मौसम आमतौर पर शुष्क बना रहेगा। आने वाले तीन दिनों तक प्रदेश में धीरे धीरे तापमान में बढ़ोतरी होगी और आमजन को उमसभरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
बिपरजॉय के अवशेष कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील होकर गुरुवार रात तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में पहुंचेंगे, तब बंगाल की खाड़ी से इसे प्रचुर मात्रा में नमी मिलने लगेगी और यह मौसम प्रणाली ताकतवर होकर फिर से मानसूनी हवाएं खींच कर मैदानी राज्यों की तरफ लाएगी, जिससे इन राज्यों में आमजन को भीषण गर्मी राहत मिलेगी। इसके असर से हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में 25 जून से 30 जून और जुलाई के प्रथम सप्ताह में भी बारिश की गतिविधियों की प्रबल संभावना बन रही है।