हरियाणा को बंटवारे अनुसार विधानसभा में पूरा हिस्सा न मिलने का मामला तूल पकड़ गया है। पंजाब के बकाया 13 फीसदी हिस्सेदारी देने से मना करने पर बात कोर्ट तक भी पहुंच सकती है। हरियाणा विधानसभा के स्पीकर ने पूरा हिस्सा न मिलने की स्थिति में पंजाब को कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है। जिससे दोनों राज्यों के बीच तनातनी का अंदाजा लगाया जा सकता है।
स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने पंजाब विधानसभा के अपने समकक्ष राणा केपी को पत्र लिखकर हिस्सा देने का अनुरोध किया था। जिसे पंजाब ने यह कहते हुए बीते दिनों ठुकरा दिया था कि उनके पास खुद ही पर्याप्त जगह नहीं है। इस पर गुप्ता ने कड़े तेवर अपना लिए हैं। उन्होंने पंजाब के रुख से सरकार को भी अवगत करा दिया है। गुप्ता ने कहा कि पंजाब से अपना हक मांग रहे हैं, भीख नहीं मांग रहे।
बंटवारे के अनुसार हमें 40 फीसदी हिस्सा मिलना था, जिसमें से पंजाब ने मात्र 27 फीसदी ही दिया है। 13 फीसदी हिस्सा देने के लिए पंजाब हमेशा से ना नुकर करता आ रहा है। हरियाणा विधानसभा सभा के पास अपने कार्यालयों के भी पर्याप्त जगह नहीं है। ई-विधान प्रोजेक्ट लटका हुआ है। विधानसभा को पेपर लैस नहीं कर पा रहे। उसके लिए जगह की जरूरत है।
पंजाब अगर हमारा शेष हिस्सा दे तो अनेक प्रोजेक्ट सिरे चढ़ सकते हैं। अगर हिस्सा न मिला तो कानूनी कार्रवाई के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। गुप्ता ने देश में ही हथियार बनाने के निर्णय के लिए पीएम नरेंद्र मोदी व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का धन्यवाद किया है।