उपद्रव के दौरान वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी पर आगजनी, लूटपाट और तोड़फोड़ को रोकने की बजाय डरकर मोर्चा छोड़ने वाले पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया। एसपी शशांक आनंद ने मामले में लापरवाही बरतने पर तत्कालीन एसएचओ सहित 8 पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। एसपी ने स्थानीय टीम की जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की। 19 फरवरी को उपद्रवियों ने वित्तमंत्री की कोठी में घुसकर पहले लूटपाट कर तोड़फोड़ की और इसके बाद आग लगा दी।
आरोप है कि इसी दौरान जिन पुलिस कर्मियों को कोठी की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई थी वह अपने हथियार छोड़क र मौके से भाग गए थे। इसके बाद हिंसा को रोकने में नाकाम सैकड़ों पुलिसकर्मियों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। सोमवार की देर रात एक एसआईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट एसपी शशांक आनंद को सौंपी है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई।
सिक्योरिटी में तैनात पूरी गार्द हुई सस्पेंड
एसपी ने वित्तमंत्री की कोठी पर तैनात सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया है। कोठी पर गार्द के रूप में छह पुलिस कर्मी तैनात थे। गार्द के सभी सिपाही उपद्रवियों के सामने हथियार छोड़कर भाग गए थे। इसके अलावा एसपी ने कॉलोनी के सिक्योरिटी इंचार्ज को भी सस्पेंड किया है। अभी मामले में अन्य पुलिस अधिकारियों और पुलिस कर्मियों पर भी गाज गिरना तय है।
यह पुलिसकर्मी हुए सस्पेंड
मामले में एसपी ने अर्बन स्टेट थाना के तत्कालीन एसएचओ रहे बालकिशन, सेक्टर 14 चौकी प्रभारी एसआई राकेश, वित्त मंत्री की कोठी पर लगी गार्द के इंचार्ज इएसआई सुरेंद्र और चार सिपाही को सस्पेंड किया गया है। इसके अलावा सलारा मोहल्ला चौकी प्रभारी एसआई नरेंद्र को भी सस्पेंड किया गया है।