लेकिन अंबाला की पूर्व सांसद एवं राज्यसभा सदस्य कुमारी सैलजा निर्मल सिंह की धुरविरोधी होने की वजह से इन सीटों पर अपना प्रत्याशी उतारने की जिद पर अड़ी थी। सोनिया गांधी की नजदीकियों का फायदा सैलजा को मिला और सैलजा ने अंबाला कैंट सीट से टिकट की प्रबल दावेदार मानी जा रही चित्रा सरवारा का नाम कटवाकर टिकट अपनी खास वेणु सिंगला अग्रवाल को दिलवा दी।
बस, इसी बात से नाराज पूर्व मंत्री निर्मल सिंह ने खुली बगावत का एलान करते हुए बेटी को भी चुनाव लड़वाने और खुद एक बार फिर रण में उतरने का एलान कर दिया। बेटी चित्रा को अंबाला कैंट सीट से और खुद अंबाला सिटी हलके से पूर्व मंत्री निर्मल सिंह ने बतौर आजाद प्रत्याशी परचा भर दिया। मगर ये दोनों ही सीटें भाजपा का गढ़ मानी जाती थी।
बावजूद इसके चित्रा ने अंबाला में मंत्री अनिल विज को और पिता निर्मल सिंह ने सिटी में विधायक असीम गोयल को टक्कर दी। बाप-बेटी इस सीट पर जीत तो नहीं पाए, मगर यहां खड़े कांग्रेस प्रत्याशी वेणु सिंगला अग्रवाल और पूर्व विधायक जसबीर मलौर का गेम जरूर बिगाड़ गए। फिलहाल दोनों को कांग्रेस ने पार्टी को निष्कासित कर दिया है।