एफआईआर दर्ज होते ही उसकी प्रति घर बैठे डाउनलोड करने की सुविधा मिल जाती है। इसके अलावा हर प्रकार के एनओसी इसी के माध्यम से भी प्राप्त किया जा सकता है। चरित्र प्रमाण पत्र या मकान किराये पर देने हेतु किरायेदार की पुलिस सत्यापन की सुविधा भी आसान हो जाती है।
पुलिस के अनुसार हरियाणा के सभी थानों में सीसीटीएनएस का कार्यान्वयन पूर्ण हो गया है। ईसीजीएस इंटीग्रेशन का काम भी प्रदेश पुलिस द्वारा पूर्ण किया जा गया है। प्रदेश में नेशनल साइबर हेल्पलाइन 1930 का स्कोर प्रगति डैशबोर्ड में 98.7 % रहा।
हरियाणा में इस सीसीटीएनएस सॉफ्टवेयर के माध्यम से प्रदेश पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने, गैर संज्ञेय रिपोर्ट, मेडिको लीगल केस, गुमशुदा व्यक्ति, खोयी हुई संपत्ति, लापता मवेशी, विदेशी पंजीकरण, सी-फार्म, लावारिस/परित्यक्त संपत्ति, अज्ञात/पाया व्यक्ति, निवारक कार्यवाही, पर्यवेक्षण रिपोर्ट/प्रगति का पंजीकरण, अज्ञात मृत शरीर/अस्वाभाविक मृत्यु पंजीकरण, अनुसंधान संबंधी कार्य, शिकायतों के पंजीकरण, डाटाबैंक सेवाएं जैसे कार्य किए जाते हैं। इस उपलब्धि पर हरियाणा राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के निदेशक, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ओ पी सिंह ने सभी राजपत्रित अधिकारियों व सीसीटीएनएस शाखा में पदस्थ पुलिस कर्मचारियों को शुभकामनाएं दी।