देशद्रोह के केस में बंद रामपाल के समर्थकों ने जयहिंद बोलने से इंकार कर दिया। अनुयायी बोले, हम जयहिंद बोलेंगे तो भी इसका अर्थ गलत निकाला जाएगा। समर्थकों ने गांधीवादी नेता डॉ. एसएन सुब्बाराव से मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने के लिए गुहार लगाई, जिस पर डॉ. एसएन सुब्बाराव ने गृहमंत्री को पत्र लिखने का भरोसा दिया।
आठ अप्रैल को गांधीवादी नेता डॉ. एसएन सुब्बाराव हिसार पहुंचे थे। उन्होंने हिसार की सेंट्रल जेल में कैदियों को संबोधित किया। उन्होंने अपने भाषण की शुरूआत करने से पहले जयहिंद के नारे लगवाए, जिस पर बड़ी संख्या में कैदियों ने जयहिंद के नारे नहीं लगाए। कैदी खामोश रहे।
भाषण समाप्त होने के बाद कैदियों ने बताया कि वह रामपाल समर्थक हैं। हम सभी पर देशद्रोह का केस दर्ज किया गया है। इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए।
कैदियों ने कहा कि वह जयहिंद बोलते तो उसका भी गलत अर्थ निकाला जाता।
हम पर देशद्रोह का केस दर्ज कर जयहिंद बोलने का अधिकार छीन लिया गया, जिस पर डॉ. एसएन सुब्बाराव ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखने का भरोसा दिया।