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4 दिन में 18 करोड़ गंवा झुकी खट्टर सरकार, 120 कर्मचारियों का निलंबन भी रद्द

Fri, 14 Apr 2017 09:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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चार दिन में 18 करोड़ बहाने के बाद हड़ताल खत्म
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चार दिन तक जनता की फजीहत कराने और 18 करोड़ रुपये की चपत लगने के बाद प्रदेश सरकार रोडवेज कर्मचारियों के सामने झुक गई। न केवल कर्मचारियों की मांगों को माना, बल्कि सख्ती दिखाने के लिए निलंबित किये गए कर्मचारियों को भी बहाल कर दिया। पांच घंटे की मैराथन बैठक और पांच दौर की वार्ता के बाद सरकार और रोडवेज कर्मचारी यूनियनों के नेताओं में एक राय बनी। 
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बसों का चक्का जाम खत्म कराने के लिए फरवरी 2017 की अपनी परिवहन नीति वापस लेने के साथ ही निजी बस आपरेटरों को दिए 853 परमिट निरस्त कर दिए हैं। जबकि निजी बसों के पुराने परमिट बने रहेंगे। देर शाम सभी डिपो से 3700 बसों का संचालन शुरू होने से यात्रियों के साथ ही सरकार ने भी राहत की सांस ली। 

रोडवेज कर्मचारियों से समझौते की पटकथा बुधवार रात परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार और रोडवेज कर्मचारी नेता सरबत पूनिया ने पंचकूला में लिख दी थी। उम्मीद जताई जा रही थी कि वीरवार को बैठक में इसकी घोषणा औपचारिक रूप से कर दी जाएगी, लेकिन परिवहन मंत्री और उच्च अधिकारियों ने रोडवेज की आठ यूनियनों के नेताओं के सामने एक बार फिर रूट परमिट और परिवहन नीति को लेकर चाल चली। 
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120 कर्मियों का निलंबन भी रद्द

चार दिन में 18 करोड़ बहाने के बाद हड़ताल खत्म
सरकार ने नीति व परमिट की समीक्षा करने पर सहमति बनाने की कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी। कर्मचारी नेता इनके निरस्तीकरण पर अड़े रहे। अंत में 12 बजे शुरू हुई बैठक शाम पांच बजे कर्मचारियों की मांगें मानने के साथ खत्म हुई। बता दें कि सोमवार दोपहर को एसीएस परिवहन विभाग से वार्ता विफल रहने पर रोडवेज कर्मी हड़ताल पर चले गए थे।

नई परिवहन नीति बनाएगी सरकार : पंवार
परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार ने कहा कि सरकार नई परिवहन नीति बनाएगी। इसमें आरटीए और यूनियन पदाधिकारियों के सुझावों को शामिल किया जाएगा। पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय में वर्ष 2016-17 की स्कीम से संबंधित विचाराधीन मामले को वापस लेने के लिए कोर्ट में सरकार शपथ पत्र दाखिल करेगी।

प्रदेश के 273 मार्गों पर 853 निजी बसें चलती रहेंगी। रोडवेज बसों में लागू निशुल्क यात्रा की 39 श्रेणियों को निजी बस परमिट धारक भी सुविधा प्रदान करेंगे। उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। हड़ताल के दौरान निलंबित 120 कर्मचारियों की सेवाएं जारी रहेंगी।

सरकार कोर्ट में केस होने का हवाला दे रही थी, जिसे हमने नकार दिया। उम्मीद है कि सरकार जल्द ही कर्मचारियों की अन्य मांगों पर भी सहमत होगी। भविष्य में भी फायदे वाले रूट पर निजी आपरेटरों को परमिट नहीं देने का सुझाव सरकार को दिया है। 
- सरबत पूनिया, रोडवेज कर्मचारी नेता

 
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