पुलिस का दावा: 2024 में हरियाणा वासियों से 980 करोड़ रुपये की हुई ठगी, पुलिस ने 268 करोड़ बचाए
चंडीगढ़। साइबर ठगों तक रुपये पहुंचने से रोकने में हरियाणा पुलिस देशभर में पहले स्थान पर है। 2024 में प्रदेश वासियों से 980 करोड़ रुपये की ठगी हुई, जबकि साइबर पुलिस ने 268 करोड़ रुपये बचाकर देशभर में पहले नंबर पर आने का दावा किया है।
साल 2023 में साइबर ठगी के पैसे रोकने में हरियाणा 23वें स्थान पर था। पहला स्थान पर आने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर को सम्मानित भी कर चुके है। पुलिस ने एक साल में 5156 अपराधियों को गिरफ्तार किया, जिसमें 3655 अपराधी दूसरे राज्यों के निवासी है। औसतन रोजाना 14 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी हुई है।
2023 में पीड़ितों को 33 करोड़ रुपये रिफंड किए गए थे, जबकि 2024 में यह राशि नवंबर तक बढ़कर 95,45,14,359 रुपये (करीब तीन गुना) हो गई है। राज्य के सभी 29 साइबर थानों को लोक अदालत के माध्यम से पीड़ित को पैसा वापस दिलवाने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य पुलिस के आग्रह पर पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने सभी जिला और सत्र न्यायालयों को आदेश जारी कर रिफंड करने के लिए एफआईआर दर्ज करने की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है, ताकि पीड़ित को रिफंड बिना किसी देरी के किया जा सके।
साल 2024 में साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए 2,83,589 बैंक खातों व 1,24,565 मोबाइल नंबरों को बंद करवाया गया है, जो कि देशभर में सर्वाधिक है। डीजीपी कपूर ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति फोन करके स्वयं को सीबीआई, ईडी या पुलिस का अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट की बात कहे तो तुरंत सतर्क हो जाए क्योंकि कोई भी एजेंसी डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है। खासकर कंबोडिया, पाकिस्तान, श्रीलंका से आने वाली वीडियो व ऑडियो कॉल को ना उठाएं।