हर एक वोट अहम। राज्यसभा चुनाव में एकजुटता और सहयोग दिखाई दिया। बीमारियों, चोट और चुनौतियों के बावजूद भाजपा और कांग्रेस के सभी विधायक वोट डालने पहुंचे। विधायकों की एकजुटता व सहयोग भी चर्चा का विषय बना है।
चुनाव कोई भी हो, हर वोट मायने रखता है। हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों सोमवार को हुए मतदान में इसकी झलक भी दिखी। बीमारियों व चोट से जूझने के बावजूद कई विधायक मतदान करने पहुंचे। इन विधायकों को आना ही विधानसभा परिसर में चर्चा का विषय बना रहा।
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कोई व्हीलचेयर से पहुंचा तो वोट नहीं डालने की स्थिति में किसी के सहयोगी ने वोट किया। मतदान की इन गतिविधियों न केवल राजनीतिक प्रक्रियाओं की झलक पेश की, बल्कि दर्शाया भी कि नेता चाहे कितनी भी चुनौतियों का सामना कर रहे हों लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेना उनके लिए प्राथमिकता है। भाजपा व कांग्रेस दोनों के विधायकों की एकजुटता व सहयोग भी चर्चा का विषय बना।
घनश्याम सराफ की जगह आए वीरेंद्र गर्ग
भिवानी से भाजपा विधायक घनश्याम सराफ बीमारी की वजह से मतदान करने में असमर्थ थे। उनके हाथ से उचित निशान नहीं लगने की स्थिति में उनकी जगह भाजपा नेता वीरेंद्र गर्ग को नामित किया गया।
चुनाव नियमों के तहत, बीमार या अनुपस्थित विधायकों के लिए उनके नामित सहयोगी मतदान कर सकते हैं। इसी व्यवस्था के तहत गर्ग ने उनके लिए वोट डाला। यह क्षण राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना क्योंकि सराफ लंबे समय से बीमार चल रहे हैं और उनके सहयोगी के जरिए मतदान करना एक आवश्यक कदम था।
चाहे स्ट्रैचर पर आना पड़े, कर्तव्य पूरा होना चाहिए : विज
हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने अपने स्वास्थ्य की चुनौतियों के बावजूद मतदान में भाग लिया। दोनों पैरों में फ्रैक्चर के बावजूद वह व्हीलचेयर पर मतदान स्थल पहुंचे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में भाग लेना बेहद महत्वपूर्ण है। चाहे उन्हें व्हीलचेयर या स्ट्रैचर पर आना पड़े, उनका यह कर्तव्य पूरा होना चाहिए।
अस्थि विसर्जन की प्रक्रिया पूरी करके आए कल्याण
विधानसभा स्पीकर हरविंदर कल्याण ने हरिद्वार में अपनी मां के अस्थि विसर्जन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद मतदान किया। उनका यह कदम यह दर्शाता है कि व्यक्तिगत और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बावजूद लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी को वह प्राथमिकता देते हैं।
सहारा लेकर इलियास
कांग्रेस के तरफ से भी कई नेता स्वास्थ्य या अन्य कारणों से असुविधाजनक परिस्थितियों में मतदान स्थल पहुंचे। पुन्हाना से कांग्रेस विधायक मोहम्मद इलियास को मतदान के लिए दो लोगों ने सहारा दिया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे लेकिन इसके बावजूद उन्होंने लोकतंत्र में अपनी हिस्सेदारी निभाई।
चंद्रमोहन को अपनी गाड़ी में लाए हुड्डा
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने भी इस बार मतदान में विशेष भूमिका निभाई। पंचकूला से विधायक चंद्रमोहन को वे अपनी गाड़ी में लेकर आए। यह दृश्य हर किसी के लिए अचरज भरा था। चंद्रमोहन कुमारी सैलजा गुट के विधायक माने जाते हैं।