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कृषि विधेयक: लिप कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका, पानी की बौछारें, 14 किमी लंबा लगा जाम

Wed, 23 Sep 2020 09:49 PM IST
ajay kumar अमर उजाला नेटवर्क, पंजाब

सार

  • कार्यकर्ताओं का शंभू बैरियर पर धरना, राजपुरा तक 14 किमी लंबा जाम लगा, नेशनल हाईवे छह घंटे तक ठप रहा
  • वाहनों को राजपुरा के गगन चौक से जीरकपुर-लालड़ू और शंभू बैरियर से धर्मगढ़-लालड़ू-घन्नौर के रास्ते अंबाला भेजा
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हरियाणा सीमा पर लोक इंसाफ पार्टी के कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन का इस्तेमाल करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नए कृषि विधेयकों के विरोध में मोटरसाइकिलों पर संसद का घेराव करने जा रहे सिमरजीत सिंह बैंस के नेतृत्व में लोक इंसाफ पार्टी (लिप) के कार्यकर्ताओं को हरियाणा पुलिस ने अंबाला से पहले पंजाब-हरियाणा सीमा पर स्थित टोल बैरियर पर रोक दिया। विरोध करने पर पानी की बौछारें कर उनकी कोशिश को नाकाम कर दिया। बाद में लिप कार्यकर्ता शंभू बैरियर पर धरना देकर बैठ गए। इससे राजपुरा तक 14 किमी लंबा जाम लग गया और छह घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग ठप रहा। इससे यात्री परेशान रहे। उधर, विधेयकों के खिलाफ किसान संगठनों ने 24  से 26 सितंबर तक रेलें रोकने का एलान किया है। 

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लिप नेता सिमरजीत सिंह बैंस और उनके समर्थकों ने रोक दिए जाने के बाद बैरियर को तोड़ने की कोशिश की तो पुलिस ने पानी की बौछार शुरू कर दी। इस पर बैंस और उनके समर्थक घग्गर नदी से पैदल हरियाणा में प्रवेश कर गए। पर पुलिस ने उन्हें पकड़कर वापस भेज दिया। इसके बाद लिप कार्यकर्ताओं ने बार्डर पर धरना लगा दिया। धरने से राजपुरा से शंभू बैरियर तक 14 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। 

करीब छह घंटे तक राजपुरा-अंबाला राजमार्ग बंद रहने से यात्री परेशान रहे। राजपुरा व शंभू पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवाजाही में तब्दीली करते हुए राजपुरा के गगन चौक से जीरकपुर-लालड़ू के रास्ते हरियाणा व शंभू बैरियर से धर्मगढ़-लालड़ू-घन्नौर के रास्ते अंबाला के लिए वाहनों को भेजा।

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अमरिंदर को संघर्ष का नेतृत्व करना चाहिए था: बैंस

इस मौके पर लोक इंसाफ पार्टी के प्रधान सिमरजीत सिह बैंस ने कहा कि मोदी सरकार किसानी व व्यापार को समाप्त करने पर तुली हुई है। पार्टी 25 सितंबर को  पंजाब बंद में किसान जत्थेबंदियों के साथ खड़ी है। उन्होंनेे कहा कि इस समय कैप्टन अमरिंदर सिंह को इस संघर्ष का नेतृत्व करना चाहिए था, सभी उनके साथ खड़े होते पर वह ऐसा न कर सिर्फ राजनीति कर रहे हैं। 

रेलवे स्टेशनों और ट्रकों की सुरक्षा को आरपीएफ तैनात
पंजाब के आंदोलनकारी किसान संगठनों ने 24 से 26 सितंबर तक फिरोजपुर, अमृतसर, जालंधर, पठानकोट रेलवे स्टेशनों के पास ट्रेनें रोकने का एलान किया है। इसलिए रेलवे ने पंजाब में पड़ते सभी रेलवे स्टेशनों पर आरपीएफ व अन्य सुरक्षा एजेंसियों का बंदोबस्त किया है। वे ट्रैकों की सुरक्षा के लिए धरनास्थलों के आसपास भी मौजूद रहेंगी। 

जालंधर: किसानों ने समर्थन में कल बंद रहेगी सब्जीमंडी 
केंद्र सरकार के कृषि विधेयकों के खिलाफ 25 सितंबर को सब्जी मंडी भी बंद रहेगी। सब्जी मंडी में न तो फल मिलेंगे और न ही सब्जियां। मंडी की एसोसिएशन ने लोगों से अपील की है कि वह सब्जी, फल एक दिन पहले खरीद लें। किसान जत्थेबंदियों को जिले के फल और सब्जी कारोबारियों ने अपना समर्थन देकर उनके साथ खड़े होने की घोषणा कर दी है।

इसके तहत 25 सितंबर को फल और सब्जियों के थोक मंडी मकसूदां मंडी बंद रखी जाएगी। इस संबंध में बुधवार को आयोजित बैठक के दौरान सुभाष ढल्ल और डिंपी सचदेवा ने कहा ये विधेयक केवल किसान ही नहीं बल्कि कारोबारियों और आम लोगों को भी नुकसान पहुंचाएंगे। 

होशियारपुर: किसानों के समर्थन में कल बंद रहेगी अनाज मंडी

कृषि विधेयकों के विरोध में किसान संगठनों की ओर से 25 सितंबर के प्रस्तावित पंजाब बंद का आढ़ती एसोसिएशन व गल्ला मंडी लेबर यूनियन ने भी समर्थन किया है। आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सुधीर सूद ने बताया कि उनका संगठन किसानों के साथ है।  

सर्वसम्मति से फैसला लिया गया है कि 25 सितंबर को होशियारपुर की मुख्य अनाज मंडी बंद रखी जाएगी और मंडी में किसी भी प्रकार का कोई कारोबार नहीं किया जाएगा। गल्ला मंडी लेबर यूनियन के प्रधान हरी चंद व साचिव राज कुमार मैली वाले बाबा ने बताया कि किसानों को उनके संगठन का पूर्ण समर्थन रहेगा । उन्होंने बताया कि 25 सितंबर को मंडी आने वाली किसी भी फसल को नहीं उतारा जाएगा। 

दाखा में कैप्टन संदीप संधू की अगुवाई में निकाला रोष मार्च
कृषि विधेयकों के खिलाफ बुधवार को हल्का दाखा के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कैप्टन संदीप संधू की अगुवाई में जाहिर बली ग्राऊंड बद्दोवाल रोष मार्च निकाला। इस दौरान संधू ने कहा कि कृषि विधेयकों से किसान का ही नहीं बल्कि सभी वर्गों की कमर टूट जाएगी। मोदी सरकार ने विधेयक लाकर देश को एक बार फिर से आर्थिक संकट की तरफ धकेल दिया है।

उन्होंने कहा कि देश के किसान को बर्बाद करने में अकाली दल और भाजपा दोनों ही जिम्मेदार है। विधेयक उस समय पास किए गए थे, जब हरसिमरत कौर बादल कैबिनेट में थीं। हमेशा अपनी कुर्सी बचाने के लिए पंजाब और किसानों के हितों की बलि देने वाले बादल परिवार की नीति के कारण आज राज्य का किसान अपनी लड़ाई लड़ रहा है। 

दाखा: शिअद कार्यकर्ताओं और किसानों ने निकाली ट्रैक्टर रैली
शिरोमणि अकाली दल के कार्यकर्ताओं और किसानों ने तीन कृषि विधेयकों को निरस्त करने की मांग को लेकर बुधवार को सिधवां बेट से बद्दोवाल तक विशाल ट्रैक्टर रैली निकाली। इस रैली का नेतृत्व दाखा के विधायक मनप्रीत सिंह अयाली कर रहे थे और सिधवां बेट से सवाड़ी तथा मुल्लापुर से बद्दोवाल पहुंचे। 

किसानों ने ट्रैक्टरों पर काले झंडे लगा रखे थे और एनडीए सरकार से विधेयकों को तुरंत रद्द करने की मांग कर रहे थे। विधायक मनप्रीत सिंह अयाली ने सावंधी अनाज मंडी में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा ने कृषि अध्यादेश बनाते समय किसानों के साथ ही शिरोमणि अकाली दल को विश्वास में नही लिया। उन्होंने कहा कि केंद्र भी किसानों की आशंकाओं को दूर करने में विफल है।

गुरदासपुर: केंद्र सरकार के खिलाफ किया रोष प्रदर्शन

एटक सीटू, एक्टू व सीटू के वर्करों ने  बुधवार को केंद्र सरकार के खिलाफ गुरु नानक पार्क में रोष प्रदर्शन किया। बाद में डीसी को मांग पत्र सौंपा गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केंद्र  सरकार मजदूर व मुलाजिम विरोधी फैसले ले रही। सरकारी संस्थानों का निजीकरण किया जा रहा है। नए श्रम विधेयक, बिजली बिल 2020 और खेती विधेयक केंद्र सरकार की नीति का खुलासा करते हैं।

मोदी सरकार सेे देश का हर वर्ग दुखी हो चुका है। चेतावनी दी कि मोदी सरकार ने अपने फैसलों को वापस न लिया तो वे सड़कों पर उतरकर मोर्चा खोलेंगे। इस मौके पर ध्यान सिंह, गोपाल, जसवंत सिंह, सुभाष कैरों, अमरजीत सिंह उपस्थित थे।

बब्बरी बाईपास पर चक्का जाम करेगा शिअद: बब्बेहाली  
खेती विधेयकों का विरोध करने के लिए शिरोमणि अकाली दल 25 सितंबर को गुरदासपुर के बब्बरी बाईपास पर चक्का जाम करके केंद्र सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन करेगा। यह जानकारी पार्टी के जिला प्रधान व पूर्व विधायक गुरबचन सिंह बब्बेहाली ने प्रेस विज्ञप्ति में दी। बब्बेहाली ने बताया कि प्रदर्शन किसानों को खेती विधेयकों की खामियों से अवगत करवाया जाएगा।

बब्बेहाली ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल किसानों व पंजाब के हितों के साथ खड़ा है और सड़क से जेल तक संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेगा। बब्बेहाली ने कहा कि जिनके लिए यह विधेयक लाए गए हैं, वह ही इससे संतुष्ट नही है। युवा  वर्ग किसानों के हक में सामने आया है, जो एक अच्छा संकेत है। 

जलालाबाद: किसान यूनियन ने 25 सितंबर को बाजार बंद करने की अपील की
भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां की बैठक मार्केट कमेटी जलालाबाद में हुई। इस मौके पर यूनियन के जिला प्रधान गुरविंदर सिंह ने 25 सितंबर को बाजार बंद करने की अपील की। किसान नेता गुरविंदर सिंह ने कहा कि कृषि विधेयक किसानों के अलावा छोटे दुकानदार व छोटे व्यापारी के लिए खतरनाक है, इसलिए सभी इसके खिलाफ एकजुट होकर विरोध करें। इस मौके पर कारज सिंह, सतपाल सिंह, शेर सिंह, पूरन सिंह, परमजीत सिंह, हरमीत सिंह, सावन सिंह आदि मौजूद थे।

पटियाला: खेती कानूनों के विरोध में मुलाजिमों का प्रदर्शन
खेती अध्यादेश के विरोध में 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर बुधवार को मुलाजिमों ने बड़ी संख्या में मिनी सचिवालय के सामने प्रदर्शन किया। डीसी के जरिये प्रधानमंत्री के नाम 20 सूत्री ज्ञापन भी सौंपा। पंजाब एटक के महासचिव निर्मल सिंह धालीवाल, इंटक के जगरूप सिंह, सीटीयू के हरी सिंह दौनकलां ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को तबाह करने की नीतियां लागू कर रहे हैं। 
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उन्होंने कारपोरेट घरानों के आगे घुटने टेक दिए हैं और गरीबों पर लगातार वार कर रहे हैं। इसे सहन नहीं किया जाएगा। पीएम को देश में बढ़ रहे कोरोना के मामलों से कोई मतलब नहीं है बल्कि इस महामारी की आड़ में लेबर कानून खत्म कर दिए गए हैं। कोरोना काल में 14 करोड़ मजदूर काम से निकाल दिए गए। 

मजदूरों, किसानों, बुद्धिजीवियों व लोक पक्षीय नेताओं की जुबानबंदी करने के लिए काले कानून पास करके उनको जेलों में नजरबंद कर दिया गया। मौके पर बिजली संशोधन एक्ट 2020 वापस लेने, कांट्रेक्ट सिस्टम के तहत हो रही लूट बंद करने, सरकारी व अर्द्ध सरकारी विभागों में नौकरियां खत्म करने का भी विरोध किया गया।

मंडी गोबिंदगढ़: कृषि विधेयकों पर किसानों को जागरूक करेगी भाजपा 
कृषि विधेयकों के प्रावधानों के बारे में भाजपा किसान मोर्चा हर गांव में किसानों को जागरूक करेगा। प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष जगदीप सिंह औजला ने बताया मोदी सरकार ने ज्वार, सरसों, चना, कुसम और दाल के समर्थन मूल्य बढ़ा दिए हैं। उन्होंने कहा कृषि विधेयकों का विरोध करने वाले सभी लोगों से अपील की कि वह इसके प्रावधान विस्तार से पढ़ें।

हरसिमरत कौर बादल के इस्तीफे के बाद अकाली दल 25 सितंबर से केंद्र सरकार खिलाफ पंजाब भर में प्रदर्शन करने के सवाल के जवाब में औजला ने कहा कि यह शिअद पर निर्भर करता है कि नाता तोड़ना है या जोड़ना है। इस मौके पर जिलाध्यक्ष गुरदीप सिंह अमाराला, महासचिव रविंदर सिंह पद्म, ओबीसी मोर्चा के जिला प्रधान सुखदेव सिंह अत्तली, उपाध्यक्ष गगनदीप जैन, बचन लाल, हरचंद सिंह, रविंदरदीप सिंह, हरप्रीत सिंह संधू, बलदेव सिंह आदि मौजूद रहे। 
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