बदमाशों, नशा तस्करों के खिलाफ हरियाणा पुलिस ने पूरे प्रदेश में ऑपरेशन ‘आक्रमण-3’ चलाया। इस दौरान पुलिस के 6333 जवानों ने छापेमारी की। वहीं, 785 एफआईआर दर्ज की गई और 998 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में अवैध हथियार और नशा बरामद किया गया है। पकड़े गए आरोपियों में 137 उद्घोषित अपराधी और 33 बेल जंपर्स शामिल हैं।
बदमाशों और नशा समेत गलत गतिविधियों में जुड़े लोगों का नेटवर्क तोड़ने के लिए इससे पहले हरियाणा पुलिस ने 18 जुलाई को ऑपरेशन ‘आक्रमण-1’ अभियान चलाया था। इसमें 604 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद छह सितंबर को ‘आक्रमण-2’ अभियान के तहत 964 आरोपियों को गिरफ्तार किया और 710 एफआईआर दर्ज की गई।
इसी तर्ज पर 7 दिसंबर की सुबह प्रदेशभर में पुलिस की 970 टीमें गठित की गईं और एक साथ छापेमारी शुरू की गई। देर रात तक चले छानबीन अभियान में 52 अवैध हथियार और 24 कारतूस जब्त किए गए। इसी प्रकार, 7.951 किलो गांजा, 167.77 ग्राम हेरोइन, 402 ग्राम सुल्फा, 3.992 किलो अफीम, 5.350 किलो चूरापोस्त, 242 बोतल प्रतिबंधित सीरप (कोरेक्स) और 25 प्रतिबंधित इंजेक्शन भी बरामद किए गए।
इसके अतिरिक्त, विशेष अभियान के दौरान विभिन्न मामलों में शामिल 316 अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। शराब तस्करों पर नकेल कसते हुए 3866 बोतल देशी शराब, 300 बोतल अंग्रेजी शराब, 59 बोतल बीयर, 1483 बोतल अवैध शराब, 680 लीटर लाहन जब्त कर अवैध शराब बनाने के 2 भट्टी भी नष्ट की गई। जुआ अधिनियम के तहत गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 4.44 लाख रुपये से अधिक की नकदी भी बरामद की।
समय-समय पर हरियाणा पुलिस ऑपरेशन आक्रमण चलाती है। इसके काफी सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। भविष्य में भी बदमाशों और नशा तस्करों के खिलाफ ऐसे अभियान चलाते जाएंगे। आम जनता को चाहिए कि वह बदमाशों और गलत कार्यों में संलिप्त लोगों की सूचना पुलिस को दे। - पीके अग्रवाल, डीजीपी, हरियाणा।