हरियाणा में पेट्रोल पंप मालिकों ने जनता की असुविधा को देखते हुए हड़ताल एक महीने के लिए स्थगित कर दी है। सोमवार रात हरियाणा निवास पर प्रदेश सरकार के उच्चाधिकारियों के साथ साढ़े तीन घंटे से भी अधिक समय तक चली बैठक के बाद पंप मालिकों की एसोसिएशन ने राज्य भर में शुरू की अपनी हड़ताल एक माह के लिए स्थगित करने का ऐलान किया।
वहीं राज्य सरकार की ओर से पेट्रोल पंप मालिकों को वैट सहित उनकी सभी मांगों पर विचार कर हल निकालने का आश्वासन दिया गया। राज्य में डीजल पर वैट की दर बढ़ाए जाने के खिलाफ पेट्रोल पंप मालिकों ने सोमवार सुबह से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी।
राज्य भर में सरकारी क्षेत्र के करीब 150 पंपों को छोड़ 2600 से अधिक पेट्रोल पंप सोमवार सुबह से बंद हो गए थे। देर शाम हरियाणा भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के नेतृत्व में राज्य सरकार से बातचीत के लिए पहुंचे हरियाणा पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन के सदस्यों से परिवहन आयुक्त रोशन लाल, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, आबकारी एवं कराधान विभाग समेत अनेक विभागों के उच्चाधिकारियों ने उनकी समस्याएं सुनीं।
डीलरों की ओर से बैठक में एसोसिएशन के प्रधान संदीप सिंघल, चितरंजन अग्रवाल, रवि गुप्ता , रामेश्वर चावला, आल हरियाणा पैट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष पलविंदर सिंह ओबेराय और राकेश मित्तल शामिल थे।
एनजीटी के फैसले को चुनौती देगी सरकार
पेट्रोल पंप मालिकों ने सोमवार को हरियाणा सरकार के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक में राज्य के एनसीआर में 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन और 10 साल पुराने डीजल वाहनों पर दिल्ली की तर्ज पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा रोक लगाए जाने का मुद्दा भी उठाया।
पंप मालिकों का कहना था कि राज्य सरकार ने एनजीटी के फैसले के खिलाफ राज्य के वाहन मालिकों का प्रतिनिधित्व नहीं किया। इस पर परिवहन आयुक्त ने उन्हें भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार जल्दी ही एनजीटी के फैसले का पर्यावरण विभाग के जरिये डटकर मुकाबला करेगी।