जींद के उचाना स्थित सरकारी स्कूल में छात्राओं के साथ हुई छेड़छाड़ की वारदात के बाद हरियाणा पुलिस ने बड़ा फैसला लिया है।शिक्षण संस्थाओं में छात्राओं और महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के लिए अब हरियाणा पुलिस की महिला पुलिस कर्मचारी स्कूल और काॅलेजों में जाएंगी और सीधे छात्राओं से संवाद करेंगी। इस दौरान छात्राएं बेझिझक अपनी बात पुलिस के सामने रख सकेंगी। इतना ही नहीं इस दौरान विद्यालयों और महाविद्यालयों के बाहर छेड़छाड़ करने वाले शरारती तत्वों पर भी पुलिस की कड़ी नजर रहेगी।
समाज में महिलाओं व पुरुषों में एक-दूसरे के प्रति आदर व सम्मान की भावना को बल देने के लिए हरियाणा पुलिस की ओर से लिंग संवेदीकरण कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की है। इसके लिए हरियाणा पुलिस जागरूकता अभियान चलाएगी और महिला पुलिसकर्मियों की टीम जिलों के विद्यालयों, महाविद्यालयों तथा अन्य संस्थानों में पहुंचेंगे।
प्रत्येक जिले में महिला पुलिसकर्मियों की प्रशिक्षित और अनुभवी टीम की फील्ड में ड्यूटी लगाई जाएगी। कार्यक्रमों के दौरान गुड टच और बैड टच के बारे में जानकारी दी जाएगी। महिला पुलिस टीम संस्थानों में लड़कियों से संपर्क में रहेंगी, ताकि महिलाएं बेझिझक अपनी समस्याओं को उनके साथ सांझा कर सकें।
सार्वजनिक स्थानों पर चलाया जा रहा ऑपरेशन दुर्गा
डीआईजी महिला सुरक्षा नाजनीन भसीन ने बताया कि महिलाओं के विरुद्ध अपराध को रोकने के लिए पूरे प्रदेश में 25 कंपनियों की तैनाती की गई है और सार्वजनिक स्थानों व छेड़छाड़ वाले हॉट स्पॉट क्षेत्रों में नियमित तौर पर ऑपरेशन दुर्गा चलाया जा रहा है। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 46 पेट्रोलिंग वाहन अलग से लगाए गए हैं। प्रदेश भर में 81 महिला पीसीआर और स्कूटी राइडर्स भी लगाए गए हैं। प्रदेश में 33 महिला पुलिस थाने स्थापित किए हैं। 239 महिला हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं।
महिला सुरक्षा को लेकर हरियाणा पुलिस गंभीर है और इसी कड़ी में यह जागरूकता अभियान शुरू किया जा रहा है। बेटियों को शिक्षण संस्थानों के साथ-साथ सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित माहौल मिल सके, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। छेड़छाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। महिला सुरक्षा को लेकर हरियाणा-112 की ओर से सेफ जर्नी कांसेप्ट की भी पहल शुरू की गई है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
- शत्रुजीत कपूर, डीजीपी, हरियाणा