गृह मंत्री अनिल विज। (फाइल फोटो)
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शराब घोटाले की जांच में लगी एसईटी की जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। एसईटी ने दो अधिकारियों को लेकर टिप्पणी की है। एसईटी ने कहा है कि आईएएस अधिकारी शेखर विद्यार्थी जो कि एक्साइज टैक्सेशन कमिश्नर हैं। उन्होंने जांच में सहयोग नहीं किया और उन्हें नारायणगढ़ डिस्टलरी में जांच के लिए जाने से मना कर दिया। जबकि तत्कालीन एसपी प्रतीक्षा गोदारा ने शराब घोटाले के किंगपिन भूपेंद्र को दो गनमैन मुहैया करवाए थे और आपराधिक मुकदमे दर्ज होने के बावजूद भूपेंद्र का असलहे का लाइसेंस स्वीकृत किया था।
यह खुलासा यहां गृह मंत्री अनिल विज ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान किया है। उन्होंने कहा कि एसईटी ने शेखर विद्यार्थी की भूमिका पर अंगुली उठाई है। जिस समय लॉकडाउन हुआ था उस समय सरकार का यह फैसला था कि सभी ठेके बंद रहेंगे। शेखर विद्यार्थी ने एक्साइज टैक्सेशन कमिश्नर रहते हुए मातहत अधिकारियों को लिखित में यह आदेश नहीं दिए, हालांकि विद्यार्थी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से इस तरह का आदेश देन की बात कही है।
इसके अलावा एसईटी नारायण गढ़ डिस्टलरी की कार्यप्रणाली जांचना चाहती थी। इसके लिए शेखर विद्यार्थी को लिखा गया कि हम विजिट करना चाहते हैं। 18 जुलाई 2020 की तारीख विजिट के लिए तय की गई लेकिन विजिट से पहले विद्यार्थी ने पंजाब एक्साइज एक्ट का हवाला देते हुए वहां जाने से मना कर दिया। यह कह दिया कि पंजाब एक्साइज एक्ट के तहत इस तरह का प्रावधान नहीं है। उधर, प्रतीक्षा गोदारा के बारे में एसईटी ने यह टिप्पणी की है कि यह जानते हुए कि भूपेंद्र किंगपिन है और उस पर कई मुकदमे दर्ज हैं। गोदारा ने उसे दो गनमैन दे दिए और उसका असलहे का लाइसेंस स्वीकृत कर दिया।
मैने मामले की जांच रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई की सिफारिश की है। कार्रवाई की सिफारिश के साथ मामला मुख्यमंत्री के पास भेज दिया है। ऐसे मामलों में मुख्य सचिव स्तर का अधिकारी जांच करता है। देखना होगा कि मुख्यमंत्री इस मामले में क्या निर्णय लेते हैं यह उनके ऊपर है। गृहमंत्री, अनिल विज
क्या है मामला
सोनीपत के खरखौदा में लॉकडाउन में गोदाम से शराब की चोरी की घटना आई तो सरकार ने इस मामले में जांच के आदेश दिए। चारों तरफ छापे की कार्रवाई हुई और किंगपिन भूपेंद्र को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से करोड़ों की रकम असलहे और महंगी गाड़ियां बरामद हुईं। गृह मंत्री ने इस मामले में एसआईटी गठित करने की मांग की, लेकिन सरकार ने एसईटी गठित की। एसईटी को पावर दिलवाने के लिए विज ने बहुत कोशिश की, लेकिन पावर नहीं मिली। अब जो पावर मिली थी उसी दायरे में रहकर अपनी रिपोर्ट एसईटी ने दी है। जिसके बाद विज ने इस मामले में कार्रवाई की सिफारिश की है।