खेत में काम करता एक किसान। (फाइल फोटो)
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हरियाणा सरकार जल्द ही प्रदेश में 17 हजार किसान मित्र तैयार करेगी। ये किसान मित्र बतौर वॉलंटियर्स किसानों को जागरूक करने और सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने का काम करेंगे। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल ने बताया कि किसानों को उसकी भूमि की उपयोगिता व आय के अनुसार वित्त प्रबंधन किस प्रकार से किया जाए, इसके लिए हरियाणा सरकार ने 17 हजार किसान मित्र लगाने का निर्णय लिया है।
वे किसानों को वॉलंटियर्स के रूप में परामर्श देंगे। इसी प्रकार केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में घोषित आत्मनिर्भर भारत के 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज में एक लाख करोड़ रुपये कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए रखा गया है, जिसमें 3900 करोड़ रुपये हरियाणा के लिए निर्धारित किए गए हैं। वेयरहाउस, एग्रो बेस्ड इंडस्ट्री व अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में इसमें से अधिक से अधिक राशि हरियाणा के किसान को मिले, इसके लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं।
दलाल ने कहा कि बैंकों द्वारा आमतौर पर फसल ऋण पर ब्याज दर सात प्रतिशत लिए जाने के बावजूद अन्नदाता को सरकार फसली ऋण जीरो प्रतिशत पर उपलब्ध करवा रही है। सात प्रतिशत ब्याज दर के फसली ऋण में तीन प्रतिशत केंद्र सरकार तथा चार प्रतिशत राज्य सरकार वहन करती है। इस तरह किसान को जीरो प्रतिशत पर ही फसल ऋण दिया जाता है।
कपास पर काला रतुआ का हमला, कृषि विभाग अलर्ट
हरियाणा में इस वर्ष कपास उत्पादक किसानों को फसल पकने के समय एकाएक खेतों में कहीं-कहीं काला रतुआ से फसल सूखने की समस्या से जूझना नहीं पड़ेगा। राज्य के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जय प्रकाश दलाल ने बताया कि इस समस्या का हल निकालने के लिए चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के वैज्ञानिकों की एक टीम गठित की है। जो कपास बाहुल्य क्षेत्रों में कृषि विज्ञान केंद्रों के कर्मचारियों को प्रशिक्षण देगी।
बैठक में कृषि महानिदेशक विजय दहिया ने मंत्री को आश्वस्त किया कि फील्ड के अधिकारियों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा। जो आपस में सूचनाओं का आदान-प्रदान करेंगे और इस बीमारी के कारणों का पता लगाने के लिए खेतों का दौरा करेंगे।