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Chandigarh News: कृष्ण पाल गुर्जर ने संघर्ष से पाया निगम पार्षद से केंद्रीय राज्यमंत्री का पद

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अमर उजाला ब्यूरो
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चंडीगढ़। भाजपा में आम कार्यकर्ता के रूप में अपने राजनैतिक जीवन की शुरुआत करने वाले कृष्णपाल गुर्जर ने संघर्ष के दम पर भाजपा में बड़ा मुकाम हासिल किया है। भाजपा के टिकट पर निगम पार्षद बनने से लेकर उन्होंने भाजपा संगठन में जिला अध्यक्ष से लेकर प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य तक का सफर तय किया। पार्टी के प्रति समर्पण और संघर्ष को देखते हुए ही तीसरी बार उनको केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में सेवा देने का मौका मिला है।
कृष्णपाल गुर्जर का जन्म किसान परिवार में मेवला महाराजपुर के चौ. हंसराज जेलदार के यहां 4 फरवरी 1957 को हुआ। छात्र जीवन में ही वह राजनीति से जुड़ गए थे। 1978 में जवाहरलाल नेहरू काॅलेज में छात्र यूनियन के महासचिव, 1994 में भाजपा के कार्यकर्ता के तौर पर नगर निगम पार्षद बनने के बाद से उन्होंने राजनीति में कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
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1996 में बंसीलाल सरकार में बने परिवहन मंत्री
मेवला महाराजपुर विधानसभा हलके से 1996 में विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर तत्कालीन बंसीलाल सरकार में वे परिवहन मंत्री बने। प्रखर और मुखर वक्ता होने के चलते भाजपा विधायक दल के नेता बनकर विधानसभा में पुरजोर तरीके से प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों को उठाया। 2008 में भाजपा हाईकमान ने भी कृष्णपाल गुर्जर को हरियाणा में संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रदेशाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया और प्रदेश में भाजपा को मजबूत किया व युवाओं को सक्रिय राजनीति में लाकर पार्टी के लिए मजबूत संगठन खड़ा कर दिया। उस समय भाजपा के मात्र 2 से चार विधायक होते थे, लेकिन गुर्जर ने प्रदेशभर में संगठन तैयार किया। 2014, 2019 और अब 2014 के लोकसभा चुनाव में उनकी बड़े अंतर से हुई जीत साबित करती है कि उनका अपने क्षेत्र में पूरा प्रभाव है और जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ रखते हैं।
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