इसलिए आना पड़ा अमित शाह को
बीते मार्च में मनोहर लाल को हटाकर विधायक दल की बैठक में जब नायब सिंह सैनी का नाम रखा गया तो अनिल विज नाराज हो गए थे। वह बैठक से बाहर निकल गए थे। चुनाव से पहले अनिल विज मुख्यमंत्री की दावेदारी जता चुके हैं। वहीं, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत भी समय-समय पर दावेदारी जताते रहे हैं। लिहाजा इस तरह के विवादों से बचने के लिए शाह को पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पहले 2022 में शाह यूपी में केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर भाजपा विधायक दल की बैठक में शामिल हुए थे और योगी के नाम पर मुहर लगाई गई थी।
नेता चुनने के बाद सरकार बनाने का दावा पेश होगा
विधायक दल की बैठक में नेता के नाम पर मुहर लगने के बाद राज्यपाल के पास सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा। इसके साथ ही राज्यपाल को अगले दिन शपथ ग्रहण करने वाले मंत्रियों की सूची सौंपी जाएगी। उसके बाद राज्यपाल विधायक दल के नेता और मंत्रियों को शपथ ग्रहण के लिए आमंत्रित करेंगे। नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 17 अक्तूबर को पंचकूला के दशहरा ग्राउंड में होगा।
समारोह में पीएम समेत 37 लोग विशेष अतिथि होंगे
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने बताया, समारोह में पीएम मोदी समेत 37 विशेष अतिथि होंगे। इनमें केंद्रीय मंत्री, एनडीए घटक दल के राष्ट्रीय नेता, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री शामिल हैं। हम लोग सभी के संपर्क में हैं और सौ फीसदी हाजिरी पूरी होगी।
उन्होंने बताया 17 को करीब 11 बजे कार्यक्रम शुरू होगा और लगभग एक बजे तक समारोह संपन्न हो जाएगा। उधर, शपथ ग्रहण समारोह को सफल बनाने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े की अध्यक्षता में चंडीगढ़ के हरियाणा निवास पर बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीएम नायब सिंह सैनी समेत प्रदेश के बड़े पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में सभी पदाधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। किसी को बाहर से आ रहे मुख्यमंत्रियों के स्वागत की जिम्मेदारी सौंपी गई है तो किसी को केंद्रीय मंत्रियों को स्टेज पर लाने तक की ड्यूटियां लगाई गई हैं।