देश के एक राज्य में मंत्रियों को एक माह के लिए सरकार ने विभागीय तबादले करने के अधिकार दे दिए हैं। वहीं बीपीएल सर्वे नए सिरे से कराया जाएगा। कई दिनों से तबादलों का अधिकार न मिलने के कारण मंत्री नाराज चल रहे थे। मंगलवार को यह सहमति बनी कि एक माह के लिए यह मंत्री अपने विभागों के तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के तबादले कर सकेंगे।
जबकि प्रथम श्रेणी अधिकारियों के तबादलों का अधिकार मुख्यमंत्री को ही होगा। मंत्री समूह की साप्ताहिक बैठक में सरकार ने यह निर्णय लिया है। सूबे में बीपीएल परिवारों का नए सिरे से सर्वे करवाया जाएगा। इसके बाद अपात्र परिवारों के नाम पर कैंची चलेगी। जिसके बाद बीपीएल परिवारों की नई सूची बनवाकर फर्जीवाड़ा बंद किया जाएगा।
बैठक में मंत्रियों ने यह मुद्दा उठाया कि कम उम्र होने के बावजूद बुढ़ापा पेंशन ले रहे लोगों पर 12 फीसदी पेनाल्टी का प्रावधान है। यह व्यक्ति अपात्रता की श्रेणी में आते हैं। सरकार का पेनाल्टी लगाने का निर्णय सही है, लेकिन विपक्ष उसे दूसरे ढंग से प्रोजेक्ट कर रहा है। लिहाजा सरकार ने यह पेनाल्टी समाप्त कर भविष्य के लिए ताकीद कर दिया है कि भविष्य में ऐसा कोई मामला सामने आया तो सख्त कार्रवाई होगी।