हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन की तैयारियां पूरी
- फोटो : अमर उजाला
जाटों ने आरक्षण को लेकर फिर से आंदोलन करने की तैयारियां पूरी कर ली है। जगह-जगह पर टैंट लगाए जा रहे हैं। फिलहाल रोहतक के जसिया गांव में टैंट लगाया गया है। झज्जर में जाट आंदोलन की आहट के चलते दुलीना जेल की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।
जेल प्रबंधन ने जिला प्रशासन को पत्र लिखते हुए ड्यूटी मजिस्ट्रेट व अतिरिक्त फोर्स तैनात करने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध कर दिए गए हैं। नेशनल हाइवे नंबर-1 पर सुरक्षा बल व पुलिस तैनात है। मूनक नहर पर पैरामिलिट्री फोर्स तैनात है। हर जिले में रेलवे ट्रैक पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
वहीं, जाट हिसार के मय्यड़, कैथल में तितरम मोड़, भिवानी में धमाना, दादरी में अटेला, रोहतक में जसिया, फतेहाबाद में ढाणी गोपाल, सिरसा में नाथूसरी चौपटा, जींद में जहाजपुर, करनाल में बल्ला, कुरुक्षेत्र में जैनपुर, पानीपत में मतलौडा, रेवाड़ी में प्राणपुर, अंबा में कुसैनीमोड़ और सोनीपत में गोहना के पास धरना प्रदर्शन करेंगे। प्रदेश भर के 23 जिले हाई अलर्ट पर हैं।
15 दिन लगातार जारी रहेगा धरना, फिर देखेंगे प्रशासन का रुख
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अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश प्रवक्ता रामभगत मलिक ने कहा है कि पांच जून को प्रस्तावित आंदोलन शांतिपूर्वक रहेगा। वे कहीं कोई हिंसा नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन हमारे साथ किसी तरह की जबरदस्ती करता है तो यह आंदोलन भी कोई भी रूप ले सकता है। वे जाट धर्मशाला स्थिति अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि जबरदस्ती या जाट समुदाय के लोगों के साथ अन्याय होता है तो फिर आंदोलनकारी हमारे से भी बेकाबू हो सकते हैं। पांच जून का धरना प्रदर्शन मय्यड़ में हाईवे के साथ होगा। 22 फरवरी को सरकार ने जो वायदा किया था उस पर सरकार खरी उतरे। हालांकि परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने 130 जाट नेताओं व आंदोलनकारियों पर लगाए गए देशद्रोह के केस में सहानुभूति बरतने की बात कही है।
कुछ धाराएं हटाने पर भी बात हुई है। इसके लिए मंत्री ने 15 दिन का समय मांगा है। 15 दिन तक हम लगातार धरना जारी रखेंगे। इसके बाद प्रशासन का रुख देखेंगे। अगर कोई उचित कार्रवाई नहीं हुई तो धरना अनिश्चितकालीन भी हो सकता है।
शांतिपूर्वक होगा आंदोलन, पर सरकार ढिलाई बरतने के मूड में नहीं
हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन की तैयारियां पूरी
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खाप पंचायतों के आंदोलन से हटने और अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने का वादा किए जाने के बावजूद सरकार पांच जून से प्रस्तावित आरक्षण आंदोलन को लेकर किसी तरह की ढिलाई दिखाने के मूड में नहीं है। शुक्रवार को रोहतक, करनाल और कैथल में भी धारा 144 लगा दी गई।
प्रदेश भर में पैरामिलिट्री फोर्स की 42 कंपनियां मोर्चा संभाल चुकी है। आरपीएफ और जीआरपी को सतर्क कर दिया गया है और कर्मचारियों व पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द की जा रही हैं। इसी बीच भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की और उन्हें बताया कि जाटों को सिर्फ शांतिपूर्ण आंदोलन की इजाजत दी गई है।
किसी भी प्रकार की भड़काने वाली कार्रवाई से निपटने के लिए सभी जिलों में पूरी तैयारी हो चुकी है। उधर प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट में खुद का नाम आने पर सांसद दुष्यंत चौटाला ने सरकार को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते कहा है कि इस अवधि में माफी नहीं मांगी तो वे मानहानि का केस करेंगे।